रांचीः केरल की नन्ही बिटिया आलिन शेरिन के द्वारा अंगदान किए जाने से प्रेरित होकर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य में अंगदान की नीति को सुदृढ़ करने की घोषणा की है.
बजट सत्र के दौरान राज्यपाल के अभिभाषण पर हुई चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि अपनी संतान को खो देना किसी भी माता-पिता के लिए सबसे असहनीय क्षण होता है. ऐसे समय में जब हृदय शोक से भरा हो, अपने जिगर के टुकड़े के अंग दान करने का निर्णय शेरिन एन जॉन और अरुण अब्राहम के लिए साधारण नहीं, बल्कि अद्भुत साहस, त्याग और करुणा का उदाहरण है.
सदन के बाहर मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वाकई में उस परिवार को सलाम करना चाहिए.
सीएम ने कहा, “मैंने बच्ची के माता-पिता और चिकित्सक से भी बात की है. केरल सरकार के पहल की भी सराहना करता हूं, जिन्होंने उस बच्ची को राजकीय सम्मान दिया.”
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केरल के मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन की भी सराहना की, जिन्होंने बच्ची के अंतिम संस्कार को राजकीय सम्मान देकर इस नेक कार्य को और ऊंचाई दी है.
उन्होंने कहा कि आज शरीर का अंग खराब होने से लाखों करोड़ों लोगों की जान चली जाती हैं. यह एक ऐसा विचार या सोच है जो मानवता का बड़ा उदाहरण है. इसलिए मैंने सोचा है कि इसे आगे बढाएं.
