रांचीः भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य में 500 से अधिक बालू घाटों की नीलामी को लेकर नियमावली पर सरकार को घेरा है. इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार माफियाओं ,बिचौलियों,दलालों को बालू घाट सौंपने की तैयारी में है.
उन्होंने पार्टी कार्यालय में एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा, “ऐसा लगता है नियम माफिया, दलाल, बिचौलिए बना रहे और राज्य के मंत्री और वरीय पदाधिकारी उस पर आंख मूंद कर हस्ताक्षर कर रहे है.”
उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय ने पेसा कानून नहीं लागू किए जाने के कारण बालू घाटों की नीलामी पर रोक लगाई है, लेकिन हेमंत सरकार की मंशा स्पष्ट हो गई कि यह सरकार ग्राम सभा को बालू घाटों का अधिकार नहीं देना चाहती.
उन्होंने बालू घाट नीलामी नियमावली पर चर्चा करते हुए कहा कि यह सरकार अब लूट का नया तरीका अपना रही है. इसके तहत राज्य सरकार ने बालू घाटों को जिला स्तर पर समूह में बांटा है.
उन्होंने आरोप लगाया कि इनमें कथित लूट का बड़ा खेल रचा गया है. पहले तो नीलामी की निविदा में आवेदन के लिए 15 करोड़ रुपए प्रतिवर्ष के टर्न ओवर का शर्त लगाया गया. ठीक उसी प्रकार जैसे कि शराब ठेका के लिए 25 लाख रुपए के नॉन रिफंडेबल शुल्क निर्धारित किया गया था.
उन्होंने कहा कि यह सरकार ऐसे शर्त इसीलिए लगाती है ताकि इसमें आदिवासी,गरीब,बेरोजगार युवक शामिल नहीं हो सकें. सिर्फ वही शामिल हो सकेगा जिसकी सेटिंग और डील पहले ही हो जाती है.
समूह के एक घाट को भी अगर पर्यावरण की अनुमति मिल जाती है तो पूरे समूह के घाटों से बालू को उठाने का उपाय किया गया है. पूरे बालू घाट को माफियाओं के हवाले करने की साजिश है।
उन्होंने सरकार से अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने की बात कही और मांग किया कि हेमंत सरकार ग्राम सभा को बालू घाट का अधिकार दे.
प्रेसवार्ता में मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक प्रवक्ता प्रदीप सिन्हा उपस्थित रहे.
