असम के जाने-माने सिंगर ज़ुबिन गर्ग की शुक्रवार को सिंगापुर में स्कूबा डाइविंग के दौरान हुई एक दुर्घटना में मौत से कई राजनीतिक और वॉलीवुड हस्तियों ने शोक प्रकट किया है.
या अली’ और ‘जाने क्या चाहे मन बावरा…’ जैसे फेमस गानों के जरिए करोड़ों फैंस के दिलों पर राज करने वाले जुबीन गर्ग के निधन की खबर से उनके चाहने वालों को भी धक्का पहुंचा है.
जुबीन 52 साल के थे. ज़ुबिन नॉर्थ ईस्ट फेस्टिवल में 20 सितंबर को परफ़ॉर्म करने वाले थे.
पूर्वोत्तर के रॉकस्टार नाम से मशहूर ज़ुबिन गर्ग तीन दशकों से भी ज़्यादा सक्रिय रहे. वह असमिया और बॉलीवुड की सबसे प्रभावशाली आवाज़ों में से एक थे.
ज़ुबिन को साल 2006 में बॉलीवुड फिल्म गैंगस्टर के ‘या अली’ गाने से प्रसिद्धि मिली थी.
ज़ुबिन गर्ग ने 2009 में ग़ैर-फ़ीचर फ़िल्म ‘इकोज ऑफ साइलेंस’ के लिए सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशक का राष्ट्रीय पुरस्कार जीता था.
जुबीन गर्ग ने 30 से ज्यादा भाषाओं में गाने गाए. वो अपने अनोखे अंदाज से लोगों के दिलों पर राज किया करते थे.
असमिया फिल्म इंडस्ट्री में उनका योगदान इतना बड़ा है कि उन्हें ‘असम का रॉकस्टार’ कहा जाता है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा, कांग्रेस की असम इकाई के अध्यक्ष गौरव गोगोई सहित कई लोगों ने जुबीन की मौत पर संवेदना प्रकट की है.
जुबीन गर्ग के निधन पर पीएम मोदी ने सोशल मीडिया के एक्स पर एक पोस्ट कर कहा, “लोकप्रिय गायक ज़ुबीन गर्ग के आकस्मिक निधन से स्तब्ध हूं. उन्हें संगीत में उनके अमूल्य योगदान के लिए याद किया जाएगा. उनकी प्रस्तुतियां सभी क्षेत्रों के लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय थीं. उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदना. ॐ शांति.”
