भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा में हुई बड़े पैमाने पर धांधली, पेपर लीक की जांच सीबीआई से कराने की मांग दोहराई है.
उन्होंने कहा कि जेएसएस- सीजीएल परीक्षा में हुए पेपर लीक और सीटों की खरीद-फरोख्त को छुपाने के लिए सरकार और भ्रष्ट अधिकारियों ने हर संभव हथकंडा अपनाया. लेकिन अब अदालत में उनकी करतूतें उजागर हो रही हैं.
मरांडी ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा आधी रात को इंटरनेट बंद करना, लाखों रुपये के लेन-देन के सबूत मिलना और मुख्यमंत्री द्वारा बिना किसी ठोस जांच के आयोग को क्लीन चिट देना इस पूरे षड्यंत्र की ओर इशारा करता है. पेपर लीक का सीधा संबंध सरकार के करीबी लोगों से लेकर नेपाल तक सक्रिय दलालों से जुड़ा हुआ है.
उन्होंने कहा कि सीआईडी जांच के नाम पर राज्य सरकार द्वारा सिर्फ लीपापोती की जा रही है और न्यायालय को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है. जबकि हाईकोर्ट नें भी कहा है कि सीआईडी का काम ठीक नहीं है.
