रांचीः झारखंड के बड़कागांव प्रखंड में अडानी के गोंदलपुरा कोल ब्लॉक के लिए अधिग्रहित जमीन के खिलाफ महीनों से आंदोलनरत रैयतों के समर्थन में झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के नेताओं ने राज्यपाल से मिलकर प्रभावित रैयतों को उनका हक और अधिकार दिलाने के लिए ज्ञापन सौंपा है.
इसके साथ ही कोल ब्लॉक में कथित तौर पर अवैध खनन का भी आरोप लगाया है. पार्टी के वरीय उपाध्यक्ष देवेंद्रनाथ महतो के नेतृत्व में विजय कुमार साहू, विनय कुमार, वैद्यनाथ राय, मुजीबुरहमान अंसारी, कमलेश कुमार सिंह, अरुण कुमार सात सदस्य प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल संतोष गंगवार जी से मुलाकात कर पूरी स्थिति की जानकारी दी है.
मौके पर देवेन्द्र नाथ महतो ने कहा है कि बिना ग्राम सभा और स्थानीय रैयतों की सहमति के वहां खनन कार्य किया जा रहा है. गोंदलपुरा के रैयत वर्षों से जमीन अधिग्रहण के खिलाफ संघर्ष करते रहे हैं, लेकिन पूंजीपतियों की पहुंच के कारण उनकी आवाज दबायी जाती रही है. झारखंडी मूलवासी पलायन के लिए मजबूर हैं.
जेएलकेएम नेताओं ने राज्यपाल को बताया है कि हजारीबाग जिले के बड़कागांव प्रखंड स्थित गोंदलपुरा में कोल खनन को लेकर मेसर्स अडानी इंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को आवंटित लगभग 551एकड़ रैयती जमीन, लगभग 542 एकड़ वनभूमि तथा लगभग 173 एकड़ गैर मैजरुआ जमीन है.. ग्राम सभा और स्थानीय रैयतों के सहमति के बिना जमीन अधिग्रहित की गयी है. ग्रामीणों की आवाज को कुचलने के लिए निर्दोष फर्जी मुकदमा किया जा रहा है. 6 निर्दोष ग्रामीण को जेल भी भेजा जा चुका है.
ज्ञापन के माध्यम से मांग की गयी है कि गोंदलपुरा क्षेत्र की जमीन बहुफसली पैदावार वाली हैं इनके अलावा वन्य प्राणियों के लिए भी यह इलाका मुफीद रहा है. खनन कार्य से सभी परेशानी में पड़ेंगे. ग्रामीणों की सहमति के बिना खनन कार्य पर रोक लगायी जाए.
