रांचीः झारखंड प्रदेश बीजेपी के अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखा है. इसमें उन्होंनें कहा है कि स्वास्थ्य विभाग में टेंडर आवंटन को लेकर जो अनियमितता हुई है उसकी उच्च स्तरीय जांच कराएं.
मरांडी का कहना है कि नियमों की अनदेखी कर रांची, दुमका, जामताड़ा, सरायकेला, बोकारो और देवघर जैसे जिलों में स्वास्थ्य विभाग के पिछले एक साल में जारी 11 में से सभी टेंडर रांची के एक ही परिवार की कंपनियों को अलॉट कर दिए हैं.
उपलब्ध रिकॉर्ड और सार्वजनिक दस्तावेजों से यह स्पष्ट होता है कि सुनियोजित ढंग से प्रतिस्पर्धा को सीमित कर कुछ खास चुनिंदा लोगों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया.
यह मामला केवल वित्तीय अनियमितता नहीं, बल्कि शासन की पारदर्शिता और संवैधानिक सिद्धांतों पर भी गहरा सवाल खड़ा करता है. इसलिए इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच आवश्यक है.
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि एक ही परिवार ने एक ही पते पर तीन कंपनियां बनाकर पूरे घोटाले को अंजाम दिया. पूरे झारखंड में 11 जिलों के 11 टेंडरों को मैनेज करना केवल तभी संभव है जब यह पूरा खेल स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के संरक्षण में हुआ हो.
जेम पोर्टल की प्रक्रिया के क्लाउज 29 के अनुसार यदि एक व्यक्ति दो या अधिक कंपनियां बनाकर बिडिंग में हिस्सा लेता है, तो तकनीकी जांच के दौरान ही उसका टेंडर स्वतः निरस्त कर दिया जाना चाहिए. लेकिन यहां तो नियमों को उलटकर अयोग्य कंपनियों को ही योग्य घोषित कर भारी संख्या में टेंडर अवार्ड कर दिया गया.
