रांचीः कुरमी को आदिवासी की सूची में शामिल करने की जोर पकड़ती मांग के बाद आदिवासी समुदाय ने भी मोर्चा खोल दिया है. गुरुवार को सरायकेला-खरसावां जिले में आदिवासियों का बड़ा जुटान हुआ. बाइक रैली निकाली गयी. और नारेबाजी भी होती रही.
इससे पहले बुधवार को रामगढ़ जिला मुख्यालय में आदिवासी समुदाय के हजारों लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया था. आदिवासी समुदाय का इन बातों पर जोर है कि कुरमी समुदाय की मांग गैरवाजिब है और वे उनका आरक्षण छीनना चाहते हैं.
गौरतलब है कि कुड़मी समाज ने बीस सितंबर को राज्य में रेल टेका, डहर छेका आंदोलन किया था. इस आंदोलन के तहत राज्य के अलग- अलग हिस्सों में दर्जनों रेल रोक दी गई थी. हजारों लोग सुबह से देर रात तक स्टेशनों और रेल पटरियों पर प्रदर्शन करते रहे. कुरमियों का तर्क है कि वे 1931 तक आदिवासी की सूची में शामिल थे, तो फिर इस सूची में शामिल किया जाए. कुरमियों के इस आंदोलन को झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा और आजसू पार्टी के नेता कार्यकर्ता खुलकर साथ देते नजर आ रहे हैं.
उनकी इस मांग के खिलाफ आदिवासी समुदाय और संगठनों ने बड़े दायरे के गोलबंदी के साथ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है. इससे पहले बीस सितंबर को रांची में जुलूस निकाला गया था. तथा राजभवन के साथ सभा की गई थी.
गुरुवार को सरायकेला में खरसावां, बड़ाबांबो, कुचाई, राजनगर समेत जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आदिवासी समुदाय के लोग बाइक पर सवार होकर जिला मुख्यालय सरायकेला पहुंचे. सरना झंडा थामे हजारों की संख्या में लोग सरायकेला के सिदो-कान्हू चौक से करीब दो किमी तक पदयात्रा करते हुए जिला समाहरणालय पहुंचे और राष्ट्रपति के नाम डीसी को ज्ञापन सौंपा.
आदिवासी समुदाय के हक का होगा हनन
राष्ट्रपति के नाम डीसी को सौंपे गये ज्ञापन में कुड़मी को एसटी में शामिल करने के मांग का विरोध किया गया है. ज्ञापन में कहा गया है कि झारखंड राज्य में कुड़मी/महतो समुदाय द्वारा अनुसूचित जनजाति श्रेणी में सूचिबद्ध करने की मांग को लेकर लगातार आंदोलन किया जा रहा है. इससे आदिवासी समुदाय चिंतित है. कुड़मी/महतो एक मजबूत समुदाय है. इस समुदाय के अनुसूचित जनजाति की श्रेणी में सूचिबद्ध करने से निश्चित ही यह समुदाय आदिवासी समुदाय के हक-अधिकार पर कब्जा जमा लेगा.
आदिवासी नेताओं ने चेताया है कि उनका अगला कदम कोल्हान क्षेत्र में आर्थिक नाकेबंदी करना होगा.
पिछले 19 सितबंर को चाईबासा में कुड़मी महतो समुदाय को आदिवासी (ST) सूची में शामिल करने की मांग के खिलाफ आदिवासी हो समाज महासभा ने जोरदार प्रदर्शन किया था.
महासभा ने एक विशाल बाइक रैली निकालकर इस फैसले का कड़ा विरोध दर्ज कराया और साफ शब्दों में कहा कि वे इस मांग को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे.

26 को सिरमटोली में होगा जुटान
इस बीच आदिवासी बचाओ मोर्चा ने 26 सितंबर को रांची के सिरमटोली सरना स्थल के बगल में सभी संगठनों को जुटने का आह्वान किया है.
इस संयुक्त बैठक में आदिवासी समजा के कई अगुआ और संगठन के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे. राज्य के कई ब्लॉक और कस्बाई इलाकों में भी आदिवासियों का कुरमियों की मांग के विरोध में आंदोलन शुरू किया गया है.
