रांचीः झारखंड के पूर्व महालेखाकार बेंजामिन लकड़ा का शनिवार की सुबह निधन हो गया. उनके निधन की खबर से लोगों में शोक है. वे 72 वर्ष के थे.
डॉ लकड़ा एक कुशल लेखा अधिकारी के साथ लेखक और चिंतक भी थे. पेसा कानून को लागू करने के अलावा ग्राम सभाओं की मजबूती के लिए भी वे आदिवासियों के बीच बैठकों और चर्चा में भाग लेते रहे थे.
आदिवासी समाज में उनकी पहचान संघर्ष, दृढ़ और सेवा के प्रतीक के तौर पर थी.
वे कई दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे. इलाज के लिए उन्हें रांची के सेंटेविटा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था. यहीं उन्होंने अंतिम सांस ली.
बेंजामिन लकड़ा के पार्थिव शरीर को डॉ कामिल बुल्के पथ स्थित आर्च बिशप हॉउस के हॉल में सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक अंतिम दर्शन के लिए लाया गया है.
इसके बाद बेंजामिन लकड़ा के पार्थिव शरीर को सिमडेगा ले जाया जाएगा. वहां उनके पैतृक आवास झारैन, कुरडेग में रविवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा. उनके निधन की खबर पर सिमडेगा में स्थानीय लोग शोक प्रकट करने पहुंचे हैं.
