रांचीः झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के बेटे कृष का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो पर प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है.
वीडियो में मंत्री के पुत्र कृष चलती हुई महिंद्रा XUV कार के सनरूफ से बाहर निकलकर अपना स्टाइल नुमाइश करते दिख रहे हैं. उनकी आंखों पर सन ग्लास भी है. कृष के साथ गाड़ियों का काफिला भी चलता दिख रहा है.
सोशल मीडिया के एक्स अकाउंट पर एक य़ूजर ने इस वीडियों को साझा करते हुए लिखा है, यह हरकत मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 184 के तहत दंडनीय अपराध मानी जाती है, जिसमें एक से दस हजार रुपये तक जुर्माना या छह महीने तक की जेल का प्रावधान है.
सवाल खड़े किए जा रहे हैं कि क्या नियम केवल आम जनता के लिए हैं. कई यूजर्स ने इस पर त्वरित कार्रवाई की मांग की है. एक महिला यूजर ने एक्स पर टिप्पणी की है कि कार्रवाई नहीं हुई तो मैं भी बिला हेलमेट के बुलेट चलाऊंगी.
इस बीच रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने एक्स पर ही कहा है, कि उन्होंने इस घटना का संज्ञान लिया है और जिला परिवहन पदाधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. साथ ही उन्होंने रांची पुलिस को भी टैग करते हुए पूरे मामले पर रिपोर्ट मांगी है.
अब इस वायरल वीडियो को झारखंड में प्रमुख विपक्षी दल बीजेपी ने भी लपक लिया है. बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने एक यूजर के पोस्ट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हिए लिखा है, झारखंड का यही दुर्भाग्य है कि जहाँ दूसरे राज्यों के मंत्री-पुत्र विदेश या महानगरों से लौटकर अपने राज्य के लिए नए-नए इनोवेटिव आइडिया और नीतिगत दृष्टि लेकर आते हैं, वहीं झारखंड के मंत्री-पुत्र बाहर से सिर्फ़ दिखावे और बिगड़ी आदतें लेकर लौटते हैं.
गौरतलब है कि स्वास्थ्य मंत्री के पुत्र कृष अपने एक कथित वीडियो को लेकर पले भी विवादों से गिर गए थे, जब वे राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स में दोस्तों के साथ निरीक्षण करते दिख रहे थे. हालांकि उस वीडियो पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा था कि उनके बेटे अस्पताल में भर्ती अपने शिक्षक से मिलने गए थे और इस दौरान अन्य मरीजों से भी हाल जानने की कोशिश की. तब स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी कहा था कि बेवजह उनके पुत्र को घसीटा जा रहा है. जबकि वे बाहर पढ़ाई करता है और छुट्टियां मनाने आया है.
इस घटना के बाद संसदीय कार्यमंत्री राधाकृष्ण किशोर अपने सहयोगी मंत्री इरफान अंसारी की मौजूदगी में उनके पुत्र से मिलकर मामले की जानकारी ली थी. तब कृष का बचाव करते हुए राधाकृष्ण किशोर ने बयान जारी कर कहा था कि कृष का रील बनाना नादानी हो सकता है. इसको पिता के अधिकारों का दुरुपयोग नहीं कहा जा सकता है. उन्होंने कहा था कि कृष सिविल इंजीनियरिंग के फर्स्ट सेमेस्टर के छात्र हैं. उन्हें 92 प्रतिशत अंक आए हैं.
