बिहार विधानसभा चुनाव में तमाम कील- कांटे और अगर- मगर के बीच राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने सीट शेयरिंग करके संकेत दे दिए हैं कि इस बार गठबंधन का कुनबा मजबूत है. दूसरी तरफ महागठबंधन में सीट शेयरिंग को लेकर जिच जारी है.
राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव, वीआईपी के मुकेश सहनी रविवार की शाम दिल्ली पहुंचे हैं. लालू प्रसाद ने संकेत दिए हैं कि बहुत जल्दी सीटों का बंटवारा कर लिया जाएगा. पहले चरण के चुनाव (6 नवंबर) के लिए नामांकन की आख़िरी तारीख़ 17 अक्तूबर है.
जाहिर तौर पर महागठन में शामिव सभी दलों के नेताओं- कार्यकर्ताओं की नजर सीटों के बंटवारे पर टिकी है. खबरों के मुताबिक वीआईपी और कांग्रेस दोनों ने राजद पर अधिक सीटें लेने का दवाब बनाया हुआ है.
कांग्रेस का कहना है कि उन्हें मज़बूत और ज्यादा सीटें मिलें. पार्टी का तर्क है कि पिछली बार उन्हें जो 70 सीटें मिली थीं, उसमें 25 सीटें जिताऊँ थीं. इस बार कांग्रेस चाहती है कि उसे मज़बूत सीटें दी जाएँ. 2020 के चुनाव में कांग्रेस 19 सीटें ही जीत सकी थी.
एनडीए का कुनबा
इधर एनडीए में सीटों के बंटवारे के तहत बीजेपी 101, जेडीयू 101 और चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) 29 सीटों पर चुनाव लड़ेगी.
वहीं अन्य सहयोगी दल जैसे- जीतन राम मांझी की हिन्दुस्तानी आवाम पार्टी (सेक्युलर) और उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा के हिस्से में छह-छह सीटें आई हैं.
माना जा रहा है कि सीट बँटवारे की औपचारिक घोषणा के साथ एनडीए ने बिहार के चुनावी रण में पहला दांव चल दिया है.
केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता धर्मेंद्र प्रधान ने रविवार को एक्स पर पोस्ट किया, “हम एनडीए के साथियों ने सौहार्दपूर्ण वातावरण में सीटों का बँटवारा पूरा किया. एनडीए के सभी दलों के कार्यकर्ता और नेता इसका ख़ुशी के साथ स्वागत करते हैं.”
चिराग का अपर हैंड
गौरतलब है कि चिराग पासवान की पार्टी एलजेपी (अविभाजित) ने साल 2020 में एनडीए गठबंधन से अलग होकर अकेले दम पर 135 सीटों पर चुनाव लड़ा था.
हालाँकि, एलजेपी सिर्फ़ एक सीट पर जीत दर्ज कर पाई थी. इसे एनडीए के लिए एक नुक़सान के तौर पर देखा गया था.
2024 में हुए लोकसभा चुनाव में चिराग फिर एनडीए का हिस्सा बने और बीजेपी जदयू के साथ पांच सीटों पर चुनाव लड़े. चिराग की पार्टी ने सभी पांच सीटों पर जीत हासिल की. चिराग केंद्र में मंत्री बनाये गए.
इस बार जीतन राम मांझी को एक सीट कम मिली है. पिछले बार के विधानसभा चुनाव में उन्हें साट सीटें मिली थीं.
2020 में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम (AIMIM), मायावती की बहुजन समाज पार्टी और उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (RLSP) ने मिलकर चुनाव लड़ा था.
इस बार कुशवाहा एनडीए फोल्डर में शामिल हो गए हैं. 2020 के ही चुनाव में मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी (VIP) एनडीए में शामिल थी. इस बार सहनी महागठबंधन में अब तक शामिल हैं.
इस बीच, विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के प्रमुख मुकेश सहनी ने रविवार को दिल्ली जाने से पहले कहा, “महागठबंधन थोड़ा सा अस्वस्थ हुआ है . दिल्ली जा रहा हूँ और सभी डॉक्टर दिल्ली में हैं और वहाँ बेहतर उपचार हो जाएगा. स्वस्थ होकर पटना लौटेंगे.”
243 सदस्यीय बिहार विधानसभा के लिए दो चरणों में 6 और 11 नवंबर को वोट डाले जाएंगे. जबकि नतीजे 14 नवंबर को आएंगे. सरकार बनाने के लिए किसी दल अथवा गठबंधन को 122 सीटों की जरूरत है.
