रांचीः झारखंड के चाईबासा सदर अस्पताल में थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को एचआइवी संक्रमित खून चढ़ाने के मामले में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के इस्तीफे की मांग जोर पकड़ती जा रही है.
पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने कहा है कि पूरे राज्य के सभी ब्लड बैंकों की विस्तृत जांच हो और दोषियों के खिलाफ न्यायिक जांच कर कठोर कार्रवाई की जाए. साथ ही उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री को इस लापरवाही की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देना चाहिए.
सोमवार को भाजपा नेता और पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा चाईबासा अस्पताल पहुंचे और स्वास्थ्य अधिकारियों से मुलाकात कर पूरी जानकारी ली.
अस्पताल के अधिकारियों से जानकारी ली
पूर्व मुख्यमंत्री ने डीएस डॉ. शिवचरण हांसदा और प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. भारती गौरेती मिंज से मुलाकात की.
पूर्व सीएम मधु कोड़ा ने बताया कि उन्होंने पूछा कि आखिर किन परिस्थितियों में बच्चों को संक्रमित रक्त चढ़ाया गया.
ब्लड बैंक पर उठे सवाल
मधु कोड़ा ने सवाल खड़े करते हुए कहा कि जब चाईबासा ब्लड बैंक का लाइसेंस कई सालों से रेन्यूअल नहीं हुआ है, तो ऐसे में मरीजों को किस जांच प्रक्रिया के तहत रक्त उपलब्ध कराया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि ब्लड की त्रिस्तरीय जांच बेहद जरूरी है, लेकिन अस्पताल में इसकी भारी कमी है. इसे केवल चिकित्सा कर्मचारियों की लापरवाही नहीं, बल्कि सरकार की उदासीनता भी माना जाना चाहिए.
उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा पीड़ित परिवारों को मात्र दो लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा को अमानवीय और अन्यायपूर्ण करार दिया.
