जमशेदपुरः झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने चाईबासा में ग्रामीणों पर हुए लाठीचार्ज और पुलिस बलों के द्वारा गैस को गोले छोड़े जाने के खिलाफ बुधवार, 29 अक्टूबर को कोल्हान बंद का आह्वान किया है.
इधर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने एक बयान जारी कर इस घटना की न्यायिक जांच की मांग की है. सिंहभूम की पूर्व सांसद गीता कोड़ा ने भी एक वीडियो जारी कर घटना पर सरकार को घेरा है.
जमशेदपुर में मीडिया से बातचीत में चंपाई सोरेन गुस्से में दिखे. उन्होंने कहा कि अबुआ सरकार लगातार आदिवासियों पर जुल्म ढा रही है. उनपर लाठियां बरसायी जा रही है.
सोमवार की रात चाईबासा में आंदोलन कर रहे ग्रामीणों पर लाठीचार्ज की घटना को उन्होंने बर्बरपूर्ण कार्रवाई बताया.
पूर्व मुख्यमंत्री ने चाईबासा लाठीचार्ज की घटना अपना आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि इस राज्य में आदिवासी अपने हक अधिकार की बात करते हैं, तो उन पर लाठी डंडे, गोली- आंसू गैस के गोले चलाये जाते हैं. यहां आदिवासियों का अस्तित्व खतरे में है। संथालपरगना के भोगनाडीह, रांची के सिरमटोली, टोली नगड़ी के बाद अब चाईबासा की यह घटना साफ बता रही है कि इस राज्य में आदिवासियों के प्रति सरकार का नजरिया क्या है.
क्या हुआ सोमवार की रात
चाईबासा बायपास सड़क पर दिन में नो एंट्री की मांग को लेकर ग्रामीण लगातार मुखर रहे हैं. सोमवर को ग्रामीण गोलबंद होकर इस मांग को लेकर परिवहन मंत्री दीपक बिरुआ का चईबासा स्थित आवास घेरने जा रहे थे. उन्हें पुलिस ने रोका, तो वे तांबो चौक पर धरने पर बैठ गये. सड़क जाम कर दिया. सड़क पर ही रात का खाना पकाने लगे.
इस दौरान काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे तभी पुलिस द्वारा उन्हें सड़क से हटाने के लिए लाठीचार्ज की गई. दोनों तरफ से पथराव किया गया. जिससे भगदड़ मच गयी और कई लोगों को चोट भी आई है. बाद में पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े.
