रांचीः राज्यस्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक में एक बार फिर वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर की नाराजगी जाहिर करते हुए कहा है कि राज्य के 19 बैंकों के सामाजिक सुरक्षा क्षेत्र में खराब प्रदर्शन में सुधार जरूरी है.
इसके साथ ही देवघर, पश्चिम सिंहभूम, रांची सहित छह जिलों में जिला स्तर पर बैठक नहीं होने पर उन्होंने चिंता प्रकट की.
उन्होंने कहा कि योजनाबद्ध और समग्र प्रयास से इसमें कम समय में सुधार संभव है.
बैठक के दौरान वित्त मंत्री ने यह जानना चाहा कि प्रति एक लाख जनसंख्या पर कितनी बैंक शाखाएं होनी चाहिए. इस पर राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) के अधिकारियों ने जानकारी दी कि देश में औसतन प्रति एक लाख जनसंख्या पर 17 बैंक शाखाएं हैं, जबकि झारखंड में यह संख्या मात्र 10 है. बैठक के दौरान यह भी बताया गया कि पिछली बैठक से अब तक केवल 13 नई बैंक शाखाएं खोली गई हैं. इस पर वित्त मंत्री ने असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि इसके लिए वार्षिक योजना बनाकर शाखा विस्तार की गति में तेजी लायी जाए.
गुरुजी क्रेडिट कार्य योजना की समीक्षा
इसके अतिरिक्त गुरुजी क्रेडिट कार्ड योजना के अंतर्गत लंबित आवेदनों की समीक्षा के दौरान यह जानकारी दी गई कि वर्तमान में लगभग 1400 आवेदन लंबित हैं. इस पर वित्त मंत्री ने नाराजगी जताई और संबंधित बैंकों को 15 दिसंबर तक सभी लंबित आवेदनों का निष्पादित करने का सख्त निर्देश दिया.
