हिंदी सिनेमा के ‘ही-मैन’ कहे जाने वाले मशहूर अभिनेता धर्मेंद्र का 89 साल की उम्र में निधन हो गया है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट करके कहा है कि “धर्मेंद्र जी के जाने से इंडियन सिनेमा में एक युग का अंत हो गया है.”
पीएम मोदी ने लिखा, “धर्मेंद्र जी का जाना भारतीय सिनेमा के एक युग का अंत है. वो एक दिग्गज व्यक्तित्व और शानदार अभिनेता थे, जिन्होंने जो भी किरदार निभाया, उसमें अलग तरह का चार्म और गहराई ले आए. जिस तरह से उन्होंने अलग-अलग किरदार निभाए, उस अंदाज़ से तमाम लोगों को अपना मुरीद बना लिया.”
“धर्मेंद्र जी अपनी सादगी, विनम्रता और गर्मजोशी के लिए भी उतने ही जाने गए. दुख की इस घड़ी में मैं उनके परिवार, दोस्तों और उनके अनगिनत फैंस के प्रति संवेदनाएं प्रकट करता हूं. ओम शांति.”
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी सोशल मीडिया साइट एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा है, ”वरिष्ठ अभिनेता और पूर्व सांसद धर्मेंद्र जी का निधन भारतीय सिनेमा के लिए एक बड़ी क्षति है. सबसे लोकप्रिय अभिनेताओं में से एक, उन्होंने अपने दशकों लंबे शानदार करियर में कई यादगार परफॉर्मेंस दीं.”
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मशहूर अभिनेता धर्मेंद्र के निधन पर सोमवार को दुख जताया और कहा कि उन्होंने अपनी फिल्मों के माध्यम से करोड़ों लोगों का दिल जीता तथा अपने अभिनय की बदौलत सदैव ‘‘हमारे बीच रहेंगे.’’
सोशल मीडिया साइट इंस्टाग्राम पर किए एक पोस्ट में करण जौहर लिखते हैं, ”यह एक युग का अंत है. एक दिग्गज मेगा स्टार, मेनस्ट्रीम सिनेमा के नायक, अविश्वसनीय रूप से सुंदर और स्क्रीन पर सबसे आकर्षक उपस्थिति. वह भारतीय सिनेमा के एक वास्तविक लीजेंड हैं और हमेशा रहेंगे.हमारी इंडस्ट्री में हर कोई उन्हें बहुत प्यार करता था. हमारी इंडस्ट्री में आज एक गहरा खालीपन हो गया. एक ऐसा खालीपन जिसे कोई नहीं भरा सकता.”
वहीं अभिनेता संजय दत्त ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा है, ”कुछ लोग केवल आपके जीवन का हिस्सा नहीं होते, वह आपके दिल में रहते हैं. धरम जी उन लोगों में से थे. ये एक ऐसा ख़ालीपन है जो बयां नहीं किया जा सकता.”
अक्षय कुमार ने भी धर्मेंद्र के साथ अपनी तस्वीर साझा करते हुए इंस्टाग्राम पर पोस्ट लिखा है, ”धर्मेंद्र जी वह हीरो थे, जिनके जैसा हर युवा बनना चाहता था. हमारी इंडस्ट्री के असली ही-मैन. कई पीढ़ियों को प्रेरित करने के लिए शुक्रिया.”
‘‘सत्यकाम’’ से लेकर ‘‘शोले’’ तक 300 से ज्यादा फिल्मों में काम करके मनोरंजन जगत में एक अलग मुकाम हासिल करने वाले दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र का सोमवार को मुंबई में निधन हो गया है.
कुछ दिन पहले ही धर्मेंद्र मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में सांस संबंधी समस्याओं के कारण भर्ती थे. हालांकि, कुछ दिन इलाज के बाद वह घर लौट आए थे.
फ़िल्मी पर्दे पर एक्शन वाली छवि में क़ैद धर्मेंद्र शायर की तरबीयत वाले शख़्स थे.

छह दशकों का करियर
धर्मेंद्र का करियर हिंदी सिनेमा में लगभग छह दशकों का रहा है. उन्हें बॉलीवुड का ‘ही-मैन’ कहा जाता था. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 1960 में फिल्म ‘दिल भी तेरा हम भी तेरे’ से की थी. इसके बाद उन्होंने ‘शोला और शबनम’, ‘अनपढ़’, ‘बंदिनी’, ‘पूजा के फूल’, ‘हकीकत’, ‘फूल और पत्थर’, ‘अनुपमा’, ‘खामोशी’, ‘प्यार ही प्यार’, ‘तुम हसीन मैं जवां’, ‘सीता और गीता’, ‘यादों की बारात’ और ‘शोले’ जैसी कई यादगार फिल्मों में काम किया.
धर्मेंद्र ने दमदार अभिनय के दम पर दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई. उन्होंने अपने करियर में कई पुरस्कार भी जीते.
साल 2012 में उन्हें भारत सरकार के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। इसके अलावा, उन्होंने कई फिल्मफेयर पुरस्कार भी अपने नाम किए.
उन्होंने कई बार आलोचकों और दर्शकों की प्रशंसा भी हासिल की. उनके योगदान के कारण उन्हें बॉलीवुड के सबसे महान और प्रतिष्ठित अभिनेताओं में गिना जाता है.
