हजारीबाग: झारखंड में हजारीबाग पुलिस ने चार अपराधियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस का दावा है कि ये अपराधी आलोक गिरोह से जुड़े थे. गिरफ्तार अपराधियों के पास से पुलिस ने तीन पिस्तौल, एक कार्बाइन गन, 9 जिंदा कारतूस, 8 मोबाइल समेत अन्य सामान बरामद किया है.
जिन चार अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है उनमें अर्जुन करमाली उर्फ जयकांत उर्फ भैरव सिंह, समीर कुमार, राहुल कुमार और निखिल विश्वकर्मा शामिल हैं.
हजारीबाग पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन ने मीडिया को बताया है कि गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि जिले के केरेडारी थाना क्षेत्र में कुछ अपराधी हथियार और गोली के साथ किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए बुंडू के जंगल में जमा हुए हैं. जिसके बाद बड़कागांव एसडीपीओ पवन कुमार के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया.
टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार अपराधी अर्जुन करमाली उर्फ जयकांत उर्फ भैरव सिंह, समीर कुमार, राहुल कुमार और निखिल विश्वकर्मा को हथियार के साथ गिरफ्तार किया है.
एसपी ने बताया कि केरेडारी के रहने वाले अर्जुन करमाली उर्फ भैरव पर 15 मामले हजारीबाग, चतरा और रांची के कई थानों में दर्ज हैं.
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में अर्जुन करमाली ने पुलिस को बताया कि वे सभी पहले उग्रवादियों के प्रतिबंधित संगठन टीपीसी में सक्रिय सदस्य थे. बाद में अलग होकर आलोक गिरोह बना लिया. जिसको राहुल तूरी संचालित करता था. लेकिन राहुल तूरी के मारे जाने के बाद आलोक गिरोह का संचालन अर्जुन करमाली कर रहा था.
एसपी अंजनी अंजन ने बताया कि 23 नवंबर की रात इसी संगठन ने बुंडू के रूपलाल करमाली की घर में घुसकर डायन बिसाही का आरोप लगाकर गोली मारकर हत्या की थी.
एसपी ने बताया कि आलोक गिरोह रामगढ़, रांची, चतरा और हजारीबाग में सक्रिय था. उन्होंने बताया कि गिरोह द्वारा एनटीपीसी और इसके एमडीओ कंपनी और ट्रांसपोर्टरों से से लेवी वसूली के लिए घटना को अंजाम देता था.
