रांचीः झारखंड के कल्याण मंत्री चमरा लिंडा ने केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले से मिलकर राज्य के पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और अनुसूचित जाति (एसी) के विद्यार्थियों की बकाया छात्रवृत्ति के लिए केंद्रीय हिस्से के बकाये की मांग रखी. इस बाबत चमरा लिंडा ने केंद्रीय मंत्री को एक पत्र भी सौंपा.
गौरतलब है कि राज्य के पिछड़ा वर्ग और अनूसचित जाति के विद्यार्थियों की प्री मैट्रिक (कक्षा नौंवी और दसवीं) तथा पोस्ट मैट्रिक की छात्रवृत्ति राशि वर्ष 2023-24 से बकाया है. राज्य सरकार का पक्ष है कि इस वित्तीय वर्ष में भी केंद्रीय हिस्से के पैसे नहीं मिलने से छात्रवृत्ति का भुगतान नही किया जा सका है. छात्रवृत्ति का भुगतान नहीं होने से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। और अलग-अलग छात्र संगठनोंने आंदोलन का मोर्चा खोल रखा है.
राज्य सरकार ने पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति के लिए केंद्र सरकार से वित्तीय वर्ष 2023-24 में केंद्र से 27137 करोड़ की मांग की थी, लेकिन केंद्र से 77.31 करोड़ का आवंटन मिला है. जबकि वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य सरकर की तरफ से 253. 21 करोड़ की मांग केंद्र सरकार से की गई, लेकिन 33.57 करोड़ मिले हैं. जबकि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 370 करोड़ रुपये की मांग की गई है.
मंत्री चमरा लिंडा ने केंद्रीय मंत्री को सौंपे पत्र में जानकारी दी है कि ओबीसी और एससी के प्री-मैट्रिक (9वीं-10वीं) और पोस्ट मैट्रिक के छात्रों को वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 का पूर्ण केंद्रांश उपलब्ध नहीं होने के कारण छात्रवृत्ति भुगतान लंबित है. इस वजह से छात्र आंदोलनरत हैं.
जबकि प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति के भुगतान के लिए 21 अक्टूबर 2024 और 11.06.2025 को केंद्र को पत्र को लिखा जा चुका है. साथ ही पोस्ट मैट्रिक के लिए 29.12.2023, 5-7-2024 और 18-7-2025 को पत्र लिखा जा चुका है.
