झारखंड सामान्य स्नातक योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा (JSSC CGL-2023) के पेपर लीक के मामले में हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है.
सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए उसे सही कहा है.
अदालत ने कहा है कि हाइकोर्ट का आदेश सही है. इसमें हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा.
झारखंड हाइकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका के खारिज होने से नौकरी हासिल करने वाले 1910 सफल अभ्यर्थियों के साथ सरकार को बड़ी राहत मिली है.
गौरतलब है कि पिछले तीन दिसंबर को झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने अपना फैसला सुनाया था, जिसमें सीजीएल पेपर लीक मामले में 10 छात्रों के परिणाम पर रोक लगाते हुए शेष अभ्यर्थियों की नियुक्ति का आदेश पारित किया था.
इसी आदेश के आलोक में झारखंड राज्य कर्मचारी चयन आय़ोग ने सफल अभ्यर्थियों की सूची जारी की थी.
मंगलवार, 30 दिसंबर को रांची के मोराबादी मैदान में आयोजित एक भव्य समारोह में मुख्यमंत्री ने चयनित अभ्यर्थियों के बीच नियुक्ति पत्र बांटे थे, जिसका युवाओं को लंबे समय से इंतजार था.
ध्यान रहे JSSC CGL- के तहत सहायक प्रशाखा पदाधिकारी, प्रखण्ड कल्याण पदाधिकारी, प्रखण्ड आपूर्ति पदाधिकारी,श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, अंचल निरीक्षक-सह-कानूनगो, कनीय सचिवालय सहायक, प्लानिंग असिस्टेंट के पदों के लिए सफल अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपा गया है.
जबकि सीजीएल के कुच अभ्यर्थियों ने हाइकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी.
