रांचीः केंद्रीय ऊर्जा, आवास और शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा है कि केंद्र की मोदी सरकार ने कांग्रेस की सरकार से ज्यादा रूपये मनरेगा में खर्च किए,लेकिन डिजिटल टैगिंग नहीं होने के कारण गबन जारी रहा. झारखंड, पश्चिम बंगाल,पंजाब जैसे राज्यों की ऑडिट रिपोर्ट ने बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार उजागर किए हैं. अब वी बी जी राम जी, अधिनियम 2025 ग्रामीण रोजगार को सतत विकास का साधन बनाने वाला है. और आवश्यकता आधारित योजनाओं पर केंद्रित भी.
सोमवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में विकसित भारत रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) को लेकर प्रदेश स्तरीय कार्यशाला आयोजित हुई. इसकी अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने की. इस कार्यशाला में बतौर मुख्य अतिथि शामिल केंद्रीय मंत्री ने जी राम जी अधिनियम के संबंध में कांग्रेस पार्टी और विपक्षियों के द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम को दूर करने तथा अधिनियम की विशेषताओं पर प्रकाश डाला.
उन्होंने कहा कि कमजोर प्रशासनिक व्यवस्था, भ्रष्टाचार और विकास उन्मुख दृष्टिकोण की कमी के कारण मनरेगा का दीर्घकालिक प्रभाव कमजोर होता चला गया.
उन्होंने कहा कि जी राम जी में ग्रामीण कार्यों की योजना विकसित ग्राम पंचायत योजनाओं के माध्यम से बनाई जाएगी. ब्लॉक जिला और राज्य स्तर पर समेकित किया जाएगा. वार्षिक रोजगार गारंटी को 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन किया गया है. यह केवल काम के दिन ही नहीं बढ़ाए गए, बल्कि मजदूरों को शीघ्र परिश्रमिक मिलने का प्रावधान भी किया गया है. रोजगार नहीं मिलने की स्थिति में बेरोजगारी भत्ता का प्रावधान भी किया गया है.
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि नए अधिनियम में एआई आधारित निगरानी,केंद्र राज्य स्तरीय संचालन समितियां,पंचायतों की निगरानी,जीपीएस आधारित निगरानी ,योजनाओं का साप्ताहिक सार्वजनिक प्रकटीकरण जैसे प्रावधान किए गए हैं. इस अधिनियम में राज्यों की भागीदारी 60:40 अनुपात में बढ़ाया गया है ताकि राज्य अपनी भूमिका सुनिश्चित कर सके.
