दावोस के विश्व आर्थिक मंच में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सरकार के आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल ने टाटा स्टील के शीर्ष नेतृत्व के साथ हुई महत्वपूर्ण बैठक में टाटा स्टील ने झारखंड में न्यू एज ग्रीन स्टील टेक्नोलॉजी के तहत कुल 11,000 करोड़ रुपये के निवेश के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है. निवेश को लेकर आशय पत्र और सहयोग समझौते पर साझा हस्ताक्षर किए गए.
इस बैठक को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को अपनी प्रतिक्रिया में कहा है, “झारखण्ड के लिए दावोस में WEF का पहला दिन ऐतिहासिक रहा है. आज टाटा स्टील के साथ झारखण्ड में न्यू एज ग्रीन स्टील टेक्नोलॉजी के निवेश, स्वीडन इंडिया बिज़नेस काउंसिल के साथ अर्बन मोबिलिटी एवं अन्य क्षेत्रों में निवेश, वुमन पॉलिटिकल लीडर्स फोरम के साथ राज्य में आधी आबादी के राजनीति में नेतृत्व और भागीदारी पर चर्चा, विश्व आर्थित मंच के प्रतिनिधियों के साथ विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग, हिताची और टेक महिंद्रा के साथ विद्युत एवं आईटी क्षेत्रों में निवेश को लेकर भी सार्थक चर्चा हुई.”
तीन प्रोजेक्ट्स पर होगा फोकस
इस प्रस्तावित निवेश के तहत टाटा स्टील तीन बड़े क्षेत्र में काम करेगी. पहला- हाइड्रोजन आधारित डीआरआई और मेल्टिंग टेक्नोलॉजी में करीब 7,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा. इसका उद्देश्य स्टील प्रोडक्शन में कोयले की जगह क्लीन एनर्जी का इस्तेमाल बढ़ाना है. दूसरा- कांबी मिल प्रोजेक्ट में लगभग 1,500 करोड़ रुपये लगाए जाएंगे, जिससे हाई क्वालिटी वाले स्टील प्रोडक्ट्स का निर्माण संभव होगा. तीसरा- टिनप्लेट प्रोजेक्ट्स में करीब 2,500 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है, जिससे झारखंड में मैन्युफैक्चरिंग कैपिसिटी और एक्सपोर्ट की संभावनाएं मजबूत होंगी.
आधुनिक तकनीक से बनेगा ग्रीन स्टील
इन सभी परियोजनाओं की सबसे बड़ी खासियत यह है कि ये पूरी तरह इन्वॉर्नमेंट फ्रेंडली ग्रीन स्टील टेक्नोलॉजी पर आधारित होंगी. टाटा स्टील इसमें नीदरलैंड और जर्मनी की आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करेगी. इससे कार्बन उत्सर्जन में भारी कमी आएगी. इसके बाद झारखंड देश के उन अग्रणी राज्यों में शामिल होगा, जहां क्लीन इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन को प्राथमिकता दी जा रही है.
इस मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड सरकार मजबूत इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट, क्लीन टेक्नोलॉजी और स्थानीय रोजगार क्षमता को उभार देने की प्राथमिकता दे रही है. उन्होंने कहा कि टाटा स्टील के साथ यह साझेदारी झारखंड की औद्योगिक क्षमता को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी.
