लातेहारः झारखंड के लातेहार जिले में पैंगोलिन के शल्क की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई जारी है. एक हफ्ते के भीतर अलग- अलग इलाके से तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है. साथ ही शल्क भी जब्त किए गए हैं.
मंगलवार को हुई एक कार्रवाई में दो किलोग्राम शल्क बरामद किये गये हैं और इस मामले में एक महिला को गिरफ्तार किया गया है.
लातेहार के वन क्षेत्र अधिकारी नंदकुमार मेहता ने बताया कि महिला को मंगलवार को बारेसांड़ इलाके से पकड़ा गया। उन्होंने बताया कि उसके पास से एक बैग मिला जिसमें पैंगोलिन के शल्क थे.
गिरफ्तार महिला की पहचान छोटी देवी, निवासी बतात कला, लातेहार के रूप में हुई है. बरामद शल्क की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 20 लाख रुपये बताई जा रही है.
पैंगोलिन शल्क केरटिन नामक प्रोटीन से बने कठोर, प्लेट जैसे आवरण होते हैं, जो पैंगोलिन के पूरे शरीर (चेहरे और पेट को छोड़कर) को ढके रहते हैं, जिससे उन्हें शिकारियों से सुरक्षा मिलती है. ये शल्क उनके अवैध शिकार का मुख्य कारण भी हैं क्योंकि पारंपरिक चिकित्सा में इनका उपयोग किया जाता है.
वन धिकारी मेहता ने कहा, ‘‘गुप्त सूचना के आधार पर गिरफ्तारी की गई. मंगलवार को ही एक अन्य वन क्षेत्र से एक राइफल बरामद हुई थी तथा दो शिकारियों को पकड़ा गया.’’
उन्होंने कहा, ‘‘लातेहार के वन क्षेत्र में शिकारियों को पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है.’’
मेहता ने बताया कि झारखंड-बिहार सीमा पर हाल में चीतल के शल्क जब्त किए गए और इस मामले में चार शिकारियों को गिरफ्तार किया गया था.
हाल ही में 15 जनवरी को लातेहार जिले के महुआडांड़ वन क्षेत्र में कुरू गांव के पास वन विभाग ने एक कार्रवाई के तहत पैंगोलिन शल्क की खरीब- बिक्री करते हुए करते हुए दो आरोपितों को गिरफ्तार किया गया था.
गिरफ्तार किए गए आरोपितों की पहचान आशीष सिंह (36 वर्ष), ग्राम कविया, थाना कुसमी, जिला बलरामपुर (छत्तीसगढ़) तथा कमलेश्वर भुइयां ग्राम गारू, जिला लातेहार के रूप में हुई है. तलाशी के दौरान वन विभाग की टीम ने आरोपितों के कब्जे से 3.929 किलोग्राम पैंगोलिन शल्क जब्त किए हैं.
