रांचीः झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा है कि केंद्र सरकार का झारखंड के प्रति रवैया ठीक नहीं है. गैर भाजपा शासित प्रदेश होने के नाते झारखंड को केंद्रीय सहायता से लगातार वंचित होना पड़ रहा है. केंद्र सरकार से उम्मीद करने की बजाय झारखंड को पने संसाधनों के बूते मजबूती से खड़ा होना होगा. और इसके प्रयास किए भी जा रहे हैं.
प्रोजेक्ट भवन में वित्त विभाग द्वारा आयोजित अबुआ दिशोम बजट संगोष्ठी में वित्त मंत्री ने कहा कि झारखंड का बजट ग्रामीण परिवेश पर आधारित हो, इसका ध्यान रखा जा रहा है.
इस संगोष्ठी में बजट को लेकर श्रेष्ठ सुझाव देने वालों को सरकार ने सम्मानित भी किया.
वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने झारखंड को 26 हजार करोड़ का अनुदान नहीं दिया है. केंद्रीय करों में हिस्सेदारी की बात करें, तो 79 हजार करोड़ की कमी हो गई है. जल जीवन मिशन योजना में छह हजार करोड़ रुपये केंद्र ने नहीं दिए हैं. छात्रवृत्ति और वृद्धा पेंशन के मद में लगातार कटौती की जा रही है.
पर कैपिटा इनकम बढ़ाने पर जोर
इस मौके पर राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष अमरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि आर्थिक असमानता की चुनौती से निपटने के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने होंगे. वित्त आयुक्त अजय कुमार सिंह ने शिक्षा को कौशल विकास से जोड़ने पर बल दिया. उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट 1.70 लाख करोड़ होने का अनुमान है.
राज्य वित्त आयोग के सदस्य डॉ हरिश्वर दयाल ने बताया कि झारखंड के डीजीपी में 10 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, लेकिन राष्ट्रीय विकास दर के अनुरूप आगे बढ़ाने के लिए और तेजी जरूरी है.
उन्होंने कहा कि प्रति व्यक्ति आय बढ़ी है, पर यह राष्ट्रीय औसत से बहुत कम है. इसे आगे बढ़ाने के लिए रोजगार के क्षेत्र में और काम करने की जरूरत है.
श्रेष्ठ सुझाव देने वालों को सम्मान
गौरतलब है कि राज्य का बजट संतुलित, समावेशी और व्यापक हो, जिसमें जन आकांक्षाएं परिलक्षित हो और विकास को गति मिले, इस मकसद से झारखंड सरकार ने आम लोगों से सुझाव भी आमंत्रित किए थे.
इस अवसर पर श्रेष्ठ सुझाव देने वाली स्वाति बंका, किशोर प्रसाद वर्मा और गोपी हांसदा को नगद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सम्मानित किया. जबकि वित्त मंत्री ने हिमांशु कुमार समेत तीस लोगों को सम्मानित किया, जिनके सुझाव बजट में शामिल किए जा रहे हैं .
वित्तीय प्रबंधन और सरकार के कामकाज, योजना पर पैनी नजर रखने वाले हिमांशु कुमार ने इस सम्मान पर कहा है, “बजट पूर्व संगोष्ठी में शामिल होने और अभिनव सुझाव के लिए वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर जी के द्वारा सम्मानित किया गया. आभार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी का जिन्होंने एक आम इंसान से भी बजट में सुझाव लेने की परंपरा प्रारंभ की है. उम्मीद करते हैं कि अगले वित्तीय वर्ष का बजट समावेशी, समेकित और विकास आधारित होगा. “
