रांचीः विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य में सरकारी स्तर पर धान खरीदी में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है.
मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार ने इस वर्ष 60लाख क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया था, लेकिन दो महीने से ज्यादा बीत जाने के बाद भी अब तक 19 लाख 80 हजार 216 क्विंटल धान ही किसानों से खरीदे गए है. राज्य में 2 लाख 79 हजार किसान पंजीकृत हैं लेकिन मात्र 35 हजार 547 किसानों से ही धान खरीदे गए.
उन्होंने कहा कि मतलब साफ है किसानों से खरीदारी करने की मंशा नहीं है. गोदाम भरे होने का बहाना किया जा रहा है. मार्च तक धान खरीद की बात कही जा रही है, लेकिन सवाल उठता है कि झारखंड के छोटे, सीमांत किसान आखिर कैसे धान रख पाएंगे. उन्हें पैसे की जरूरत होती है.
मरांडी ने कहा कि हेमंत सरकार ने विधानसभा चुनाव में 3200 रूपये एमएसपी पर धान खरीद का वादा किया था. लेकिन बाद में 2400 रुपए की घोषणा कर दी, जिसमें 2300 रुपया तो केंद्र सरकार से ही अनुदान मिलता है. राज्य सरकार की भागीदारी केवल 100 रुपए है. अब इस 2400 रुपए में भी लूटने का रास्ता बनाया जा रहा है. राज्य सरकार बिचौलियों दलालों, को धान बेचने के लिए किसानों को मजबूर कर रही है. किसान 1500 रूपये क्विंटल धान बेचेंगे और सरकार बिचौलियों से धान खरीद कर लक्ष्य पूरा करने का दिखावा करेगी.
