सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड के बड़े कारोबारी और नेक्सजेन के संचालक विनय कुमार सिंह को दो मामलों में जमनात की सुविधा प्रदान की है.
वहीं एसीबी हजारीबाग कांड संख्या 11/2025 में पहले से मिली अंतरिम जमानत को कंफर्म किया. यानी तीन मामलों में विनय सिंह को जमानत मिल गई है.
जबकि उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह को तीन मामलों में कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने (नो कोअर्सिव स्टेप्स) की अंतरिम सुरक्षा दी गई है.
सुप्रीम कोर्ट ने नेक्सजेन के संचालक विनय कुमार सिंह की ओर से दायर एसएलपी और उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह की क्रिमिनल रिट याचिका पर मंगलवार को सुनवाई की.
जस्टिस अरविंद कुमार की अध्यक्षतावाली पीठ ने एसएलपी व रिट याचिका को स्वीकार करते हुए अपीलकर्ताओं के पक्ष में आदेश पारित किया.
सुनवाई के दौरान अदालत ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद आरोपित के खिलाफ दो नए मामले दर्ज किए गए हैं, जो गंभीर विचार का विषय है.
जिन मामलो में विनय कुमार सिंह को जमानत मिली है उनमें एसीबी हजारीबाग में दर्ज केस संख्या 11/2025, एसीबी रांची में दर्ज केस संख्या 20/2025, जगन्नाथपुर थाने में दर्ज कांड संख्या 458/2025 शामिल है. ये मामले वन भूमि घोटाले, जमीन घोटाले और दूसरे की कंपनी ह़ड़पने के आरोपों से जुड़े हैं.
वहीं, उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह को तीन मामलों में पूछताछ की प्रक्रिया में सहयोग की शर्त पर कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का कोर्ट ने अंतरिम आदेश दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सभी मामलों में संबंधित पक्षों को जांच में सहयोग करना होगा, तभी यह राहत प्रभावी रहेगी.
गौरतलब है कि हजारीबाग वन भूमि घोटाला मामले में कारोबारी बिनय कुमार सिंह के खिलाफ हजारीबाग एसीबी ने मामला दर्ज किया गया है.
आरोप है कि बिनय कुमार सिंह ने हजारीबाग में 28 डिसमिल गैर मजरुआ खास जंगल झाड़ की सरकारी जमीन की खरीद की थी.
उनके खिलाफ पांच मामले दर्ज किये गये हैं, जबकि उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह को तीन मामलों में आरोपी बनाया गया है.
