रांचीः विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि राज्य सरकार बजट पेश करने की तैयारी में जुटी है, लेकिन हैरानी है कि वित्त विभाग तथा योजना एवं विकास विभाग के अधिकारियों ने इस संदर्भ में अब तक वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर से कोई चर्चा नहीं की है.
मीडिया चैनल पर प्रसारित खबरों के हवाले से मरांडी ने कहा कि एक ओर तो सरकार दावा करती है कि वह जनता के सुझावों को बजट में शामिल करेगी, लेकिन हकीक़त यह है कि राज्य में अफसरशाही इतनी हावी हो चुकी है कि वित्त मंत्री तक से सुझाव नहीं मांगे जा रहे. जनप्रतिनिधि लगातार जनता के बीच रहते हैं, जनता की भावनाओं और समस्याओं से भली भांति अवगत रहते हैं, लेकिन एसी कमरे में बैठकर मुख्यमंत्री को खुश करने वाले कुछ नौकरशाह मनमाने तरीके से बजट को आकार दे रहे हैं.
उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री की पीड़ा राज्य में हावी नौकरशाही का बड़ा उदाहरण है.
इसके साथ ही मरांडी ने सवालिया लहजे में पूछा है कु मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा आखिर क्यों बार-बार वित्त मंत्री को अपमानित किया जा रहा है. क्या वे कांग्रेस कोटे के मंत्री हैं इसलिए? या उन्होंने सरकार के खजाने से कथित तौर पर गायब 10,000 करोड़ रुपये के जांच कराने की हिम्मत दिखाई है.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस विधायकों को भी हेमंत सरकार में अपनी हैसियत का आत्मचिंतन करना चाहिए.
