राँचीः झारखंड सरकार द्वारी जेपीएससी और जेएसससी सीजीएल समेत लग अलग 22 परीक्षाओं को रदद किए जाने के बाद सफल और नौकरी कर रहे युवाओं ने अब आंदोलन शुरू कया है.
जेएसएससी-सीजीएल के रद्द होने से 1975 लोगों की नौकरी खतरे में पड़ गई है. अलबत्ता नवनियुक्त सहायक प्रशाखा पदाधिकारियों को प्रोजेक्ट भवन में प्रवेश से रोक दिया गया है.
ये नवनियुक्त प्रशाखा पदाधिकारी अलग-अलग विभागों में कार्यरत थे.
सरकार के फैसले के विरोध में दूसरे दिन बुधवार को भी सैकड़ों कर्मचारियों ने बारिश के बीच राजधानी राँची स्थित प्रोजेक्ट भवन के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं.
सोमवार देर रात से ही प्रोजेक्ट भवन के बाहर डटे कर्मचारियों को बुधवार सुबह राज्य के अन्य जिलों में पदस्थापित साथियों का भी समर्थन मिलने लगा है.
सभी कर्मचारी प्रोजेक्ट भवन के सामने गेट के पास बैठ गए और नारेबाजी कर रहे है. इसके चलते पुलिस मुख्यालय की ओर जाने वाली सड़क भी रह-रहकर जाम हो जा रहा है.
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे इस फैसले के खिलाफ तब तक आंदोलन जारी रखेंगे जब तक कि उनकी सेवाएं बहाल रखने का स्पष्ट आश्वासन नहीं मिल जाता.
प्रोजेक्ट भवनके अलावा नेपाल हाउस, एफएफपी बिल्डिंग सहित अन्य स्थानों पर कार्यरत एएसओ भी सरकारके फैसले के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि वे सरकार का फैसला नहीं मानेंगे. इसके खिलाफ न्यायालय का दरवाजा खटखटायेंगे.
आंदोलनकारी कर्मियों का कहना था कि जिन लोगों ने गड़बड़ी की है. उन्हें सजा देने के बजाय मेरिट से परीक्षा पास छात्रों की नौकरी ली जा रही है.
