रांचीः झारखंड लोक सेवा आयोग तथा झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की अलग-अलग 22 परीक्षाओं को सरकार के द्वारा रद्द किए जाने के बाद अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप की स्थिति बनी है. दरअसल इनमें कई परीक्षाओं के तहत नियुक्तियां कर ली गई हैं और सफल अभ्यर्थी अलग-अलग सेवा में नौकरी कर रहे हैं. इसी कड़ी में 11वीं से 13वीं जेपीएससी सिविल सेवा की परीक्षा रद्द किए जाने के बाद एक डिप्टी कलेक्टर ने झारखंड हाईकोर्ट में सरकार के फैसले को चुनौती दी है.
हजारीबाग जिले में पदस्थापित डिप्टी कलेक्टर सोनम कुमारी की ओर से अधिवक्ता पीएएस पति ने याचिका दायर की है.
याचिका में राज्य सरकार की उस अधिसूचना को निरस्त करने की मांग की गयी है, जिसके माध्यम से जेपीएससी की विज्ञापन संख्या-01/2024 को रद्द कर दिया गया है.
याचिका में कहा गया है कि राज्य सरकार ने मेमो नंबर 5404/18.8.2026 के माध्यम से जेपीएससी की 11वीं से 13वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रतियोगिता परीक्षा को रद्द कर दिया है. इस मामले की सुनवाई गुरुवार को झारखंड हाइकोर्ट में होगी.
उन्हें 24 नवंबर 2025 को नियुक्ति पत्र मिला था. इसके बाद उन्होंने डिप्टी कलेक्टर पद पर योगदान दिया और अपने दायित्वों का निर्वहन कर रही थीं. परीक्षा रद्द होने के बाद उन्हें सेवा से मुक्त कर दिया गया है.
200 अफसरों की ट्रेनिंग भी रुकी
राज्य सरकार द्वारा जेपीएससी 11वीं, 12वीं व 13वीं सिविल सेवा परीक्षा रद्द किये जाने का असर इन परीक्षाओं से नियुक्त करीब 200 उप समाहर्ताओं पर भी पड़ा है.
इन अधिकारियों की ट्रेनिंग बीच में ही रुक गयी है. हाल ही में श्रीकृष्ण लोक प्रशासन प्रशिक्षण संस्थान से ट्रेनिंग लेकर उन्हें जिलों में प्रशिक्षण के लिए भेजा गया था. फिलहाल वे जिलों में प्रोबेशन पीरियड में थे.
परीक्षा रद्द होने के बाद तकनीकी रूप से उनकी नौकरी चली गयी है. ऐसे में सभी उप समाहर्ता संशय की स्थिति में हैं और रांची पहुंचने लगे हैं.
63 अफसर भी हटाये गये
देवघर स्थित बाबा धाम में विधि-व्यवस्था बनाये रखने के लिए इनमें से 40 प्रोबेशन उप समाहर्ताओं को प्रतिनियुक्त किया गया था. इसके अलावा दुमका जिले के बासुकीनाथ में 23 प्रोबेशन उप समाहर्ताओं को दंडाधिकारी बनाया गया था. इस तरह श्रावणी मेले में कुल 63 प्रोबेशन उप समाहर्ता ड्यूटी पर तैनात थे.
परीक्षा रद्द होने के बाद अब इन अधिकारियों को ड्यूटी से हटा दिया गया है. इससे एक ओर जहां नवनियुक्त अधिकारियों की ट्रेनिंग और सेवा पर सवाल खड़े हो गये हैं, वहीं दूसरी ओर परीक्षा रद्द होने के बाद नियुक्त अभ्यर्थियों के भविष्य को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है.
11वीं से 13वीं जेपीएससी संयुक्त सिविल सेवा प्रतियोगिता परीक्षा में चयनित होने के बाद सोनम कुमारी ने बिहार के गया जिले में शिक्षक की नौकरी छोड़कर झारखंड में योगदान दिया था. चयन के बाद राज्य सरकार ने उनकी नियुक्ति की थी.
