प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज शनिवार को श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके से मुलाकात की. इस बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर हुए, जिनमें रक्षा सहयोग, ऊर्जा विकास और सांस्कृतिक सहयोग प्रमुख रहे.
भारत और श्रीलंका ने त्रिंकोमाली को ऊर्जा केंद्र के रूप में विकसित करने, एचवीडीसी इंटरकनेक्शन परियोजना के माध्यम से बिजली के आयात-निर्यात की व्यवस्था, और डिजिटल, स्वास्थ्य तथा फार्मा क्षेत्रों में सहयोग को लेकर समझौते किए. इसके अलावा भारत ने पूर्वी श्रीलंका के विकास के लिए बहु-क्षेत्रीय अनुदान सहायता देने का भी निर्णय लिया.
प्रधानमंत्री मोदी ने श्रीलंकाई युवाओं के लिए हर साल 700 लोगों को प्रशिक्षण देने की योजना की घोषणा की.
इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को श्रीलंका सरकार ने देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान “श्रीलंका मित्र विभूषण” से सम्मानित किया. राष्ट्रपति दिसानायके ने कहा कि मोदी इस सम्मान के हकदार हैं. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मोदी ने कहा कि यह सम्मान सिर्फ उनका नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का है और यह भारत-श्रीलंका की ऐतिहासिक मित्रता का प्रतीक है. प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा दोनों देशों के रिश्तों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाली साबित हुई है.
