गोड्डाः झारखंड के साहिबगंज जिले के भोगनाडीह में हुल दिवस के दिन 30 जून को पुलिस और आदिवासियों के एक समूह के बीच हुई झड़प के मामले में गोड्डा जिले की पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है.
गोड्डा के एसपी मुकेश कुमार ने मंगलवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में यह जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि दोनों की गिरफ्तारी नगर थाना क्षेत्र से की गई है. इनके पास से अवैध हथियार भी बरामद किया गया है.
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गिरफ्तार किए गए एक व्यक्ति का नाम सुधीर कुमार है, जो जमशेदपुर का रहने वाला है. दूसरा शख्स गणेश मंडल ओडिशा का रहने वाला है, जो सुधीर मंडल की गाड़ी चला रहा था.
पुलिस अधिकारी के मुताबिक गिरफ्तार किए गए सुधीर कुमार के बारे में जानकारी मिली है कि वो पूर्व सीएम चंपाई सोरेन के सोशल मीडिया का काम देखता था. पुलिस मोबाइल से डेटा निकालकर सत्यापन में जुटी है.
उन्होंने बताया है कि सुधीर कुमार बीते 20 जून से ही साहिबगंज में डेरा डाले हुए था और सोची समझी साजिश के तहत भोगनाडीह में माहौल बिगाड़ने की गतिविधियों में शामिल था.
गौरतलब है कि सोमवार को हूल दिवस के मौके पर भोगनाडीह स्थित सिदो-कान्हू पार्क में पूजा करने को लेकर शहीद के वंशजों समेत आदिवासियों के एक समूह और पुलिस- प्रशासन के बीच झड़प हो गई थी. इस झड़प में करीब दर्जन भर पुलिसकर्मी और ग्रामीण घायल हुए हैं.
आदिवासियों ने पुलिस पर तीर-धनुष से हमला किया था, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर करना पड़ा था. इस घटना को लेकर बरहेट पुलिस ने भी मामला दर्ज किया है.
उधर सोमवार को हुल फाउंडेशन के मंडल मुर्मू और आदिवासी समूह के लोगों ने आरोप लगाया था कि उनके कार्यक्रम को लेकर लगाये गये पंडाल को खोल दिया गया है. फाउंडेशन और आदिवासियों के एक समूह के इस कार्यक्रम को लेकर चार दिनों से वहां विवाद बना हुआ था.
मंडल मुर्मू और ग्रामीणों का कहना है कि वेलोग सिदो-कान्हू की शहादत को सम्मान देने के लिए कार्यक्रम करना चाहते थे. परंपरा रही है कि पार्क में पहले शहीदों के वंशज पूजा- अर्चना करते हैं, तब सरकारी कार्यक्रम होता है. लेकिन प्रशासन ने सांस्कृतिक और पारंपरिक अधिकारों में बाधा डाला. ग्रामीणों ने प्रशासन पर भेदभावपूर्ण रवैये का आरोप भी लगाया है.
