रांचीः झारखंड में सत्तारूढ़ और विधानसभा में सबसे बड़ा दल झारखंड मुक्ति मोर्चा ने असम विधानसभा चुनाव में एक बार फिर खम ठोंक दिया है.
झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव विनोद कुमार पांडेय अपने उम्मीदवारों को सिंबल देने और नामांकन कराने असम पहुंचे हैं.
उन्होंने बताया है कि 21 सीटों केलिए उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी गई है. सभी उम्मीदवार नामांकन कर रहे हैं.
इससे पहले रविवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी पार्टी की विधायक कल्पना सोरेन दिल्ली पहुंचे हैं.
रविवार को ही हेमंत सोरेन सरकार के मंत्री और चमरा लिंडा तथा केंद्रीय महासचिव विनोद पांडेय ने मजबत विधानसभा क्षेत्र से प्रीति रेखा बारला और सोनारी विधानसभा सीट से बलदेव तेली को पार्टी का सिंबल दिया था.

तीर-धनुष और स्टार प्रचारक
असम में चुनाव लड़ने के लिए जेएमएम को उसका तीर-धनुष सिंबल प्राप्त हुआ है. पार्टी ने चुनाव प्रचार के लिए बीस लोगों का नाम भी चुनाव आयोग को भेजा है.
इन स्टार प्रचारकों में हेमंत सोरेन, विधायक कल्पना सोरेन, झारखंड सरकार में मंत्री दीपक बिरुवा, चमरा लिण्डा, योगेंद्र प्रसाद, हफीजुल हसन के अलावा सांसद विजय हांसदा, जोबा मांझी, सरफराज अहमद, विधायक एमटी राजा, लुइस मरांडी केंद्रीय महासचिव विनोद कुमार पांडेय मुख्य तौर पर शामिल हैं.
गोगोई की मुलाकात
गौरतलब है कि पिछले 12 मार्च को असम कांग्रेस के अध्यक्ष एवं लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के उपनेता गौरव गोगोई, एआईसीसी के महासचिव जितेंद्र सिंह और झारखंड प्रभारी के राजू ने रांची में हेमंत सोरेन से मुलाकात की थी.
इस मुलाकात के दौरान गौरव गोगोई और मुख्यमंत्री के बीच मुख्य तौर पर असम चुनाव के अलावा झारखंड में विकास योजनाओं के क्रियान्वयन और मौजूदा राजनीतिक मुद्दों पर बातचीत हुई थी.
लेकिन कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर कोई बात सिरे नहीं चढ़ी.
हेमंत की सभा और समीकरण
असम में झामुमो के केंद्रीय अध्यक्ष हेमंत सोरेन के कम अंतराल पर हुए दो दौरे और आदिवासियों की बड़ी सभा ने वहां की चुनावी राजनीति और बीजेपी तथा कांग्रेस के रणनीतिकारों का ध्यान खींचा है.
कांग्रेस और बीजेपी के रणनीतिकारों को इसका अहसास है कि हेमंत सोरेन के असम चुनाव में उतरने से कम से कम आदिवासी इलाके में समीकरणों को प्रभावित करेंगे. क्योंकि आदिवासियों के बीच हेमंत सोरेन का चेहरा एक मजबूत लीडर के तौर पर उभरा है.
असम में रहने वाले टी- ट्राइब्स के सामाजिक और आर्थिक स्थिति को जानने के लिए हेमंत सोरेन ने सरकार के प्रतिनिधमंडल को पहले ही असम दौरे पर भेजा है. इनमें मंत्री चमरा लिंडा, सांसद विजय हांसदा तथा विधायक एमटी राजा शामिल रहे हैं.
आदिवासियों के बीच चुनावी हवाओं का रुख भांपने में भी ये तीनों नेता पहले से जुटे रहे हैं.
हाल ही में असम के तेजपुर इलाके में हेमंत सोरेन ने ‘जय भारत पार्टी की एक सभा में मुख्य अतिथि और वक्ता के तौर पर शामिल हुए थे.
इस सभा में जय़ भारत पार्टी के अध्यक्ष ने जेएमएम के साथ असम चुनाव में ताल ठोंकने का दावा किया था.
इससे पहले तिनसुकिया में हेमंत सोरेन की आदिवासियों के बीच बड़ी सभा हुई थी.
126 सदस्यीय असम विधानसभा में आदिवासियों के लिए 19 सीटें सुरक्षित हैं. हालांकि 2021 के चुनाव में भी जेएमएम ने वहां दांव आजमाया था, लेकिन किसी सीट पर जीत नहीं मिली. बदली परिस्थितियों में पार्टी के नेताओं की उम्मीदें लगी है कि इस बार जेएमएम अच्छा प्रदर्शन करेगा.
