रांचीः झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा है कि झारखंड में सभी आयुष्मान कार्ड धारकों को डिजिटल कार्ड उपलब्ध कराया जाएगी, ताकि लाभार्थियों और अस्पतालों में बिना अड़चन स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त हो सकेंगी.
रांची के बीएनआर चाणक्य होटल में गुरुवार को आयुष्मान भारत–मुख्यमंत्री अबुआ स्वास्थ्य सुरक्षा योजना तथा आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के तहत एक महत्वपूर्ण एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ₹15 लाख तक की स्वास्थ्य सुरक्षा देने की दिशा में तेजी से काम कर रही है.
मंत्री ने कहा कि निजी अस्पतालों में आईसीयू, सीसीयू, एनआईसीयू के लिए सरकार रेट फिक्स करने जा रही है, जिससे मनमाने बिलों पर अंकुश लगेगा. यह सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप होगा और गरीब परिवारों को बड़ी राहत देगा.
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अक्सर ये जानकारी मिलती रही है कि दुर्घटना पीड़ित मरीजों को कहा जाता है कि कुछ उपचार आयुष्मान कार्ड के कवरेज में नहीं है. इसलिए कार्ड की प्रक्रिया को और सरल किया जाए। किसी भी जरूरतमंद मरीज को बिना इलाज अस्पताल से वापस न लौटना पड़े.
मंत्री ने यह भी कहा है कि सभी जिला व रेफरल अस्पतालों में CT स्कैन और MRI की सुविधा जल्द उपलब्ध होगी. अबुआ हेल्थ कार्ड को और अधिक मजबूत किया जा रहा है, ताकि प्रत्येक परिवार को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा मिले.
अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने बताया कि झारखंड में लगभग 70 लाख लोग इंश्योरेंस के दायरे में हैं, और 80–85% आबादी स्वास्थ्य सुरक्षा से लाभान्वित हो रही है.
उन्होंने निजी व सरकारी अस्पतालों को डेटा अपलोडिंग, विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता और गुणवत्तापूर्ण उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.
NHA के सीईओ डॉ. सुनील कुमार बरनवाल ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी व्यवस्था पर आधारित है, और अबुआ योजना उसी सिस्टम को मजबूत रूप से आगे बढ़ा रही है. उन्होंने फ्रॉड रोकथाम, हेल्थ डेटा एनालिसिस और अस्पतालों के साथ की जा रही वर्कशॉप की सराहना की.
इससे पहले डॉ. नेहा अरोड़ा ने बताया कि आयुष्मान भारत की शुरुआत झारखंड से हुई थी और अबुआ स्वास्थ्य योजना राज्य में स्वास्थ्य सुरक्षा के नए द्वार खोल रही है. उन्होंने ग्रीन चैनल पेमेंट और NAFU ट्रिगर की महत्वपूर्ण जानकारी भी साझा की.
