रांचीः भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने झारखंड में शराब घोटाले की चल रही एसीबी जांच के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि इस घोटाले में आईएएस अधिकारी विनय चौबे के साथ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी कथित तौर पर शामिल हैं.
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री खुद पाक साफ हैं तो पूरे मामले पर जांच सीबीआई को सौंप दें.
पार्टी कार्यालय में मीडिया से बातचीत में मरांडी ने कहा कि एसीबी जांच में पूर्व उत्पाद आयुक्तों- अमित कुमार, कर्ण सत्यार्थी,फैज अहमद से हो रही पूछताछ में लगभग एक जैसे बयान मीडिया में छप रहे हैं. अमित कुमार ने कहा कि जो विनय चौबे ने चाहा वही हुआ, कर्ण सत्यार्थी ने कहा है कि विनय चौबे ने मामले में केस दर्ज करने से मना किया था. ऐसे बयान कोई सामान्य नहीं बल्कि बड़े और गंभीर भ्रष्टाचार की ओर इशारा करते हैं.
उन्होंने कहा कि एसीबी की कार्रवाई और पूछताछ में बड़े लोगों को बचाने की सुनियोजित साजिश हो रही है.
उन्होंने कहा कि जिनके बयान की चर्चा हुई, वे सभी आईएएस अधिकारी हैं. इनको यदि विभागीय सचिव दबाव डालकर नियम विरुद्ध काम करा रहे थे तो फाइल में नोटिंग करते,मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री से मिलकर शिकायत करते कि गलत हो रहा है. उनपर अनुचित दबाव डाला जा रहा है. शराब के ठेके में चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए कहा जा रहा है.
मरांडी ने कहा, मैंने मुख्यमंत्री को संभावित शराब घोटाले को लेकर वर्ष 2022 में ही पत्र लिखकर आगाह किया था. लेकिन सीएम ने कोई कार्रवाई नहीं की. इससे स्पष्ट है कि विनय चौबे के साथ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी घोटाले में शामिल हैं. और सीएम को बचाने की कवायद सरकारी ऑफिसर कर रहे है.
