रांचीः झारखंड प्रदेश बीजेपी के अध्यक्ष तथा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने रिम्स परिसर में अपार्टमेंट के हुए अवैध निर्माण के लिए रजिस्ट्रार, सीओ, नक्शा पास करने वाले नगर निगम तथा रेरा के अधिकारी को जिम्मेदार ठहराते हुए सरकार से तत्काल निलंबित करने की मांग की है.
पार्टी आफिस में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में बाबूलाल मरांडी ने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश से रिम्स परिसर में बने अवैध निर्माण को तोड़ा जा रहा है, जो बिल्कुल न्यायोचित और स्वागत योग्य है. लेकिन अवैध निर्माण ने कई सवाल भी खडे किए हैं.
गौरतलब है कि रिम्स तालाब के ठीक सामने छह मंजिला अपार्टमेंट के निर्माण को अवैध बताते हुए उसे तोड़ा जा रही है. इसी मामले में मरांडी ने सरकारी तंत्र की मिलीभगत और लापरवाही पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि रिम्स की जमीन में अपार्टमेंट बनाने के लिए नक्शा कैसे पास हो गया. जमीन का दाखिल खारिज कैसे हुआ.
उन्होंने कहा कि रिम्स परिसर में हुए अवैध निर्माण की जमीन रिम्स की थी तो फिर रजिस्ट्रार ने उस पर बने फ्लैट की रजिस्ट्री कैसे कर दी? रजिस्ट्रार का तो काम ही है रजिस्ट्री के पहले यह सुनिश्चित करना कि जमीन वैध है. लेकिन यहां जिस प्रकार नियमों की अनदेखी की गई है उसमें बड़े भ्रष्टाचार,रिश्वत की लेनदेन से इनकार नहीं किया जा सकता है.
कहा कि इस मामले में रेरा (रियल एस्टेट रेगुलेटरी ऑथोरिटी,झारखंड) भी जिम्मेवार है जिसने अपनी जिम्मेवारी नहीं निभाई और आम जनता को परेशानी में डाल दिया.
श्री मरांडी ने कहा कि यह पूरा मामला सिर्फ अवैध निर्माण का नहीं है बल्कि राज्य के सरकारी तंत्र में जड़ जमा चुके भ्रष्टाचार का परिणाम है.
बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार से मांग की है कि इस पूरे प्रकरण में शामिल रजिस्ट्रार,अंचल अधिकारी ,रांची नगर निगम वीके जिम्मेवार अधिकारी, रेरा के जिम्मेदार अधिकारियों को अविलंब निलंबित करते हुए सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए. साथ ही जिन निर्दोष लोगों ने फ्लैट खरीदे हैं राज्य सरकार तत्काल वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराए, साथ ही फ्लैट खरीदारों के बैंक लोन की जिम्मेवारी भी राज्य सरकार वहन करे. भ्रष्ट अधिकारियों से पैसे की वसूली हो.
प्रेसवार्ता में मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक, प्रवक्ता राफिया नाज,सह मीडिया प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह, अशोक बड़ाइक उपस्थित थे.
