रांचीः झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने डीजीपी की नियुक्ति को असंवैधानिक बताते हुए सरकार को घेरा. बाबूलाल मरांडी जब नियमों का हवाला देकर सरकार की मंशा पर सवाल खड़े कर रहे थे, तो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इसे न्यायालय में लंबित मामला कहकर चर्चा से इनकार किया.
लेकिन बाबूलाल रूके नहीं. उन्होंने पूर्व डीजीपी अनुराग गुप्ता की नियुक्ति को लेकर भी सवाल खड़े किए और कहा कि एक वक्त आया, जब सरकार को गुप्ता से इस्तीफा लेना पड़ा. बाबूलाल मरांडी ने एसीबी में भी आला पुलिस अफसरों की पोस्टिंग पर भी सवाल को घेरने की कोशिशें की.
उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार पर जीरो टालरेंस की बात, जांच एजेंसी चार्जशीट तक नहीं कर पाती.
हाई प्रोफाइल मामले में 18 से अधिक गिरफ्तार आरोपितों को डिफाल्ट बेल मिल जाता है.
मरांडी ने झारखंड में डीजीपी की नियुक्ति को असंवैधानिक बताते हुए कहा कि पूर्व में अनुराग गुप्ता और अब तदाशा मिश्रा की नियुक्ति अवैध है, जबकि सर्वोच्च न्यायालय ने भी यूपीएससी को पैनल भेजने का आदेश दे रखा है.
राज्यपाल ने भी महसूस किया
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि राज्यपाल के अभिभषण के दौरान यह महसूस किया गया कि वे लाचार और बेबस थे.
उनके अभिभाषण पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष के विधायक वंदे मातरम्, मनरेगा की चर्चा करने लगे. दरअसल, सरकार के पास बताने के लिए तो कुछ नहीं है. इस सरकार में काम ही नहीं हुआ है. 15 अगस्त व 26 जनवरी राष्ट्रीय उत्सव होता है और इस अवधि में मुख्यमंत्री राज्य ही नहीं, देश से बाहर थे.
बाबूलाल ने जसीडीह में वर्षों से रह रहे लोगों के हटाने के मामले को उठाया और कहा कि सरकार इसे स्वयं देखे या ये स्वयं जसीडीह जाएंगे और उनकी आवाज उठाएंगे.
शराब घोटाला
उन्होंने कहा कि उन्होंने वर्ष 2022 में ही शराब घोटाले का मामला उठाया था और सरकार से उचित कदम उठाने का आग्रह किया था. इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई. पिछले वर्ष इस मामले में अचानक कुछ अधिकारियों- व्यापरियों की गिरफ्तारी हो जाती है. एक-एक कर इस केस में 18 से अधिक गिरफ्तारियां हो गईं. लेकिन एसीबी ने चार्जशीट नहीं दाखिल की और सबको डिफाल्ट बेल का लाभ मिलता चला गया.
उन्होंने कहा कि राज्य में सूचना आयुक्त का पद चार-पांच साल से रिक्त पड़ा है.
24 जून 2021 से लोकायुक्त का पद रिक्त पड़ा है. अगर सरकार इसको अच्छा मानती है तो इसपर कुछ नहीं कहा जा सकता है। उन्होंने कोयला, बालू, पत्थर की तस्करी के आरोप लगाए.
