पूर्व टीएमसी नेता हुमायूं कबीर का कथित स्टिंग वीडियो सामने आने के बाद एआईएमआईएम ने उनकी पार्टी एजेयूपी से बंगाल चुनाव में गठबंधन तोड़ लिया है.
हालंकि एआईएमआईएम ने हुमायूं कबीर की पार्टी से गठबंधन तोड़ने के पीछे की वजह उनके बयान को बताया है.
एआईएमआईएम की ओर से एक्स पर बयान जारी कर कहा गया, “हुमायूं कबीर के बयानों से पता चलता है कि बंगाल के मुसलमान कितने असुरक्षित हैं. एआईएमआईएम किसी भी ऐसे बयान से ख़ुद को नहीं जोड़ सकती है, जिसमें मुसलमानों की साख पर सवाल उठाया गया हो.”
पार्टी ने कहा, “आज से एआईएमआईएम कबीर की पार्टी से अपना गठबंधन वापस लेती है. बंगाल के मुसलमान सबसे गरीब, उपेक्षित और दबे हुए समुदायों में से एक हैं. दशकों के धर्मनिरपेक्ष शासन के बावजूद उनके लिए कुछ नहीं किया गया है.”
एआईएमआईएम ने यह भी कहा, “हम बंगाल चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़ेंगे और आगे किसी भी पार्टी के साथ कोई गठबंधन नहीं होगा.”
टीएमसी ने वीडियो जारी किया
गौरतलब है कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने गुरुवार को एक्स पर एक वीडियो साझा किया था, जिसको लेकर दावा किया गया कि इस वीडियो में ‘हुमायूं कबीर अल्पसंख्यकों को गुमराह करने के लिए बीजेपी से एक हज़ार करोड़ रुपये लेने’ की बात कह रहे हैं.
वहीं, इस पर बीजेपी का कहना है कि उनका इस वीडियो से ‘कोई लेना-देना नहीं’ है.
केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता सुकांता मजूमदार ने कहा, “हमें वीडियो के बारे में कुछ पता नहीं है. हुमायूं कबीर का वीडियो है, वही बताएंगे क्या है क्या नहीं है. हुमायूं कबीर हमारे लिए चिंता का विषय नहीं है. तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी के बीच लड़ाई है, दोनों को लेकर ही बात होनी चाहिए.”
इस वीडियो को लेकर हुमायूं कबीर ने सफाई भी दी है. उन्होंने कहा, “भारत के प्रधानमंत्री क्या इतने कमज़ोर आदमी हैं कि हुमायूं कबीर को एक हज़ार करोड़ रुपये दे देंगे?”
कबीर ने कहा, “नवंबर 2019 के बाद से मैं किसी भी भाजपा नेता से संपर्क में नहीं हूं। अगर उनके पास कोई सबूत या फोटोग्राफ है तो दिखाएं.”
उधर तृणमूल कांग्रेस ने मांग की है कि ईडी इस मामले की जांच करे.
शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की मिलीभगत से ममता बनर्जी सरकार को हराने के लिए एक हजार करोड़ रुपये की बड़ी साजिश रची जा रही है.
पार्टी ने दावा किया कि यह योजना पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराने के लिए तैयार की गई है.
माना जा रहा है कि इस वीडियो का राजनीतिक असर हुआ. और असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाली ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने शुक्रवार को हुमायूं कबीर की पार्टी एजेयूपी से गठबंधन तोड़ लिया.
