बिहार विधानसभा चुनाव के लिए तारीख़ों की घोषणा कर दी गई है. प्रदेश में दो चरणों में चुनाव होगा. पहले चरण में 6 और दूसरे चरण में 11 नवंबर को वोट डाले जाएंगे और 14 नवंबर को मतगणना होगी.
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की.
ज्ञानेश कुमार ने बताया है कि पहले चरण में 121 और दूसरे चरण में 122 सीट के लिए मतदान होगा.
चुनाव आयोग ने बताया कि बिहार में कुल 90,712 मतदान केंद्र बनाए गए हैं. इनमें से 76,801 ग्रामीण इलाकों में और 13,911 शहरी क्षेत्रों में हैं. हर मतदान केंद्र पर औसतन 818 मतदाता होंगे.
सभी केंद्रों पर 100 प्रतिशत वेबकास्टिंग की व्यवस्था की गई है. इनमें 1,350 मॉडल मतदान केंद्र, 1,044 महिलाओं द्वारा संचालित केंद्र, 292 दिव्यांग मतदाताओं के प्रबंधन वाले केंद्र और 38 युवाओं द्वारा संचालित केंद्र शामिल हैं.
चुनाव आयोग ने यह भी बताया है कि बिहार चुनाव में 17 नए क़दम उठाए जा रहे हैं जो बाद में पूरे देश में लागू किए जाएंगे.
आयोग ने कहा कि पोलिंग स्टेशन के ठीक बाहर मतदाता अपना मोबाइल जमा करा सकते हैं जिन्हें वोट डालने के बाद वो वापस ले सकते हैं.
चुनाव आयोग के मुताबिक बिहार विधानसभा चुनाव के लिए कुल मतदाता लगभग 7.43 करोड़ हैं.
इनमें करीब 3.92 करोड़ पुरुष, 3.50 करोड़ महिलाएं और 1,725 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं. इनमें 14 लाख से ज़्यादा ऐसे मतदाता हैं जो पहली बार वोट डालेंगे.
17 अक्टूबर से नामांकन
उम्मीदवारों के लिए पहले चरण की नामांकन दाखिल करने की आख़िरी तारीख़ 17 अक्तूबर है और दूसरे चरण के लिए नामांकन दाखिल करने की आख़िरी तारीख़ 20 अक्तूबर है.
पहले चरण के लिए नामांकन वापिस लेने की आख़िरी तारीख़ 20 अक्तूबर होगी. जबकि दूसरे चरण के लिए नामांकन वापिस लेने की आख़िरी तारीख़ 23 अक्टूबर है.
243 सीटें हैं
बिहार में विधानसभा की कुल 243 सीटें हैं और सरकार बनाने के लिए किसी दल या गठबंधन के पास 122 सीटें होना ज़रूरी है.
बिहार में फ़िलहाल जेडीयू और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के घटक दलों वाली एनडीए सरकार है और आरजेडी के तेजस्वी यादव बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं.
बिहार विधानसभा में अभी बीजेपी के 80 विधायक हैं, आरजेडी के 77, जेडी(यू) के 45 और कांग्रेस के 19 विधायक हैं.
भाकपा माले के 11, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) के 4, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (मार्क्सवादी) के 2, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया के 2, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के 1 और 2 निर्दलीय विधायक हैं.
यहां मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ एनडीए और महागठबंधन के बीच है. पहली बार चुनाव में उतरे रहे प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी पर भी सबकी नजरें टिकी है. दरअसल जनसुराज अकेले सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी में है.
