पटनाः पटना साहिब से 7 बार के विधायक नंद किशोर यादव का टिकट इस बार बीजेपी ने काट दिया है. उनकी जगह रत्नेश कुशवाहा को मैदान में उतारा गया है.
टिकट काटे जाने के बाद नंद किशोर यादव की प्रतिक्रिया सामने आ है. उन्होंने कहा है कि वे बीजेपी के फैसले के साथ हैं और जनता के प्यार को भुला नहीं पाएंगे.
नंद किशोर यादव अभी बिहार विधानसभा के अध्यक्ष हैं.
बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी ने मंगलवार को 71 उम्मीदवारों की सूची जारी की है. 71 में से 9 महिलाओं को टिकट दिया गया है.
बीजेपी की इस लिस्ट में पहले फेज की 38 और दूसरे फेज की 33 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा की गई है.
टिकट कटने के बाद नंद किशोर यादव ने सोशल मीडिया के अपने अकाउंट एक्स पर एक वीडियो के जरिए प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा, “मैं भारतीय जनता पार्टी के निर्णय के साथ हूं. पार्टी ने मुझे बहुत कुछ दिया है. मुझे कोई शिकायत नहीं है.”
उन्होंने नई पीढ़ी का स्वागत और अभिनंदन करते हुए कहा कि पटना साहिब की जनता ने मुझे लगातार सात बार अपना प्रतिनिधि चुना, जो मेरे लिए गर्व की बात है. मुझे भाजपा उम्मीदवार के रूप में जो स्नेह और समर्थन मिला, उसे मैं जीवन भर नहीं भूल पाऊंगा. सबका आभार.
नंद किशोर यादव के अलावा रीगा से विधायक और सरकार में मंत्री मोतीलाल प्रसाद की जगह बैद्यनाथ प्रसाद को पार्टी से टिकट मिला है.
वहीं औराई से रामसूरत राय का टिकट काटकर रमा निषाद को उम्मीदवार बनाया गया है. इसके अलावा, वरिष्ठ विधायक अमरेंद्र प्रताप सिंह का भी टिकट काटा गया है.
पूर्व उप मुख्यमंत्री रेणु देवी को बेतिया से प्रत्याशी बनाया गया है. वहीं, पूर्व डिप्टी सीएम तारकेश्वर कटिहार से उम्मीदवार बने हैं.
अभी नीतीश कुमार की सरकार में डिप्टी सीएम की जिम्मेदारी संभाल रहे विजय सिन्हा लखीसराय से प्रत्याशी बनाए गए हैं. डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी तारापुर से लड़ेंगे. पूर्व सांसद रामकृपाल यादव को दानापुर से उम्मीदवार बनाया गया है.
बीजेपी की इस लिस्ट में पहले फेज की 38 और दूसरे फेज की 33 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा की गई है. 71 में से 9 महिलाओं को टिकट दिया गया है.
