पटनाः बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए सोमवार को मतदान शुरू हो गया.
मतदान सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक होगा और मतगणना शाम पांच बजे के बाद शुरू होगी.
यहां भारतीय जनता पार्टी, जदयू का दो-दो उम्मीदवार और रालोम- राजद के एक-एक उम्मीदवार हैं.
भाजपा के नितिन नबीन और शिवेश कुमार चुनाव में हैं. जदयू ने नीतीश कुमार और रामनाथ ठाकुर को उम्मीदवार बनाया है.
इनके अलावा एनडीए के सहयोगी राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा पांचवें उम्मीदवार हैं. आरजेडी की ओर से अमरेन्द्र सिंह धारी को उम्मीदवार बनाया गया है.
एनडीए में विधायकों की संख्या 202 है. लिहाजा चार सीटों पर बीजेपी और जदयू उम्मीदवारों की जीत तय है.
उपेंद्र कुशवाहा की जीत के लिए उन्हें एनडीए के वोटों के अलावा अतिरिक्त तीन वोटों की जरूरत पड़ेगी. इसे लेकर ही आखिरी वक्त तक दांव- पेच चलता रहा.
सत्तारूढ़ गठबंधन का दावा है कि इसके लिए भी जरूरी समर्थन जुटा लिया गया है.
रविवार की रात रालोमो प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा के आवास पर डिनर डिप्लोमेसी की राजनीति हुई.
उधर राजद के पास 25 विधायक हैं. राजद को आरजेडी को कांग्रेस के छह, बसपा के एक विधायक और एआईएमआईएम के पांच विधायकों के अलावा वाम दलों के विधायक और आईपी गुप्ता के समर्थन की जरूर होगी. महागठबंधन को अगर फूल प्रूफ वोट मिले तो उपेंद्र कुशवाहा की मुश्किलें बढ सकती है.
हालांकि, ‘क्रॉस-वोटिंग’ की स्थिति में समीकरण बदल भी सकता है.
वोट के बाद राजद विधायक बोगो सिंह के एक बयान ने राजनीतिक गलियारे में हलचल बढ़ा दी है, जिसमें उन्होंने कहा है कि तीसरा वोट हमने ही किया है. महागठबंधन कहीं कुछ नजर ही नहीं आ रहा है. उनका तो वोटर भी नजर नहीं आ रहा है. तेजस्वी यादव मोर्चा संभाल कर ही क्या कर लेंगे, जब वोट ही नहीं रहेगा. तेजस्वी जी बराबर दावा करते रहते हैं.
उधर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी वोट डालने के बाद कहा, “हमलोग जीतने के लिए लड़ रहे हैं और जीतेंगे. “
