बोकारोः बोकारो के उपायुक्त अजय नाथ झा ने संकेत दिए हैं कि पुलिस विभाग का लेखापाल कौशल कुमार पांडेय ने और भी लोगों के नाम पर अवैध तरीके से कोषागार से राशि की निकासी की है.
गुरुवार को उपायुक्त ने ट्रेजरी में विपत्रों और अभिलेखों की बारीकी से छानबीन की. उपायुक्त के साथ बोकारो की डीडीसी शताब्दी मजुमदार और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे.
मीडिया से बातचीत में उपायुक्त ने कहा है कि कोषागार के निरीक्षण में अवैध तौर पर निकासी की राशि और अधिक हो सकते हैं. लेखापाल ने उपेंद्र सिंह, नरेश सिंह और एस कुमार आदि के नाम पर भी निकासी की है.
डीसी ने करीब चार करोड़ की अवैध निकासी से जुड़े मामले में पहले ही जांच के लिए चार सदस्यीय कमेटी गठित की है.
उपायुक्त ने कोषागार पदाधिकारी से कहा है कि केवल ट्रेजरी मैसेंजर से ही बिल जमा लिए जाएं, सात ही विपत्र के हर पन्ने पर हस्ताक्षर जरूरी है.
सभी डीडीओ (राशि व्ययन अधिकारी) से कहा है कि तीन वित्तीय वर्षों- 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के वेतन मद की जांच कर रिपोर्ट कमेटी को सौंपें.
लेखापाल गिरफ्तार
गौरतलब है कि बोकारो में अवैध निकासी के मामले में झारखंड पुलिस के एक लेखाकार (अकाउंटेंट) को गिरफ्तार किया गया है.
उपायुक्त अजय नाथ झा के निर्देश पर कोषागार अधिकारी गुलाब चंद ओरांव द्वारा बोकारो स्टील सिटी पुलिस थाने में एक प्राथमिकी दर्ज कराने के बाद आरोपी कौशल कुमार पांडेय को मंगलवार को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है.
बसे पहले यह मामला एक सब-इंस्पेक्टर के वेतन खाते से 3.15 करोड़ रुपये निकाले जाने के संदर्भ में सामने आया.
ई-कुबेर बिल प्रबंधन प्रणाली पर निकासी एवं वितरण अधिकारी (डीडीओ) स्तर पर जांच के बाद पता चला कि जुलाई 2016 में सेवानिवृत्त हुए हवलदार उपेंद्र सिंह के नाम पर वेतन मद के तहत 25 महीनों (नवंबर 2023 से मार्च 2026) में 63 बार धोखाधड़ी से 4.29 करोड़ रुपये निकाले गए.
पूछताछ करने पर पांडेय ने स्वीकार किया है कि उसने पोर्टल में सेवानिवृत्त हवलदार की जन्मतिथि और खाता संख्या में हेरफेर करके लगातार पैसे निकाले. जिस खाते में राशि स्थानांतरित की जा रही थी, वह उसकी पत्नी अनु पांडेय के नाम पर है.
हजारीबाग से भी
कोषागार एवं सांस्थिक वित्त निदेशालय, वित्त विभाग, झारखण्ड सरकार द्वारा किए गए डेटा एनालिसिस के अनुसार हजारीबाग जिला ट्रेजरी से भी दो बैंक खातों में 15.41 करोड़ रूपये की निकासी की गई है.
इस संदिग्ध ट्रांजेक्शन के मामले में तीन पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया गया है.
जांच के क्रम में यह खुलासा हुआ है कि इस अवैध निकासी में पुलिस विभाग के लेखा शाखा में कार्यरत तीन सिपाही शंभु कुमार, रजनीश सिंह एवं धीरेंद्र सिंह इस निकासी में संलिप्त थे.
इस संबंध में कोषागार पदाधिकारी, हजारीबाग द्वारा लोहसिंगना थाना में 8 अप्रैल को कांड संख्या 32/2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई है.
जिला जन संपर्क कार्यालय ने तीन पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी की पुष्टि की है.
