केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में केंद्रीय बजट 2026 पेश किया. वित्त मंत्री ने स्वास्थ्य और दवाओं के क्षेत्र में कुछ महत्वपूर्ण घोषणाएं की और कैंसर और दुर्लभ बीमारियों से जुड़ी 36 दवाओं पर शुल्क कम करने का प्रस्ताव दिया.
उन्होंने ‘बायोफार्मा शक्ति मिशन’ की एक अहम घोषणा की. इस मिशन के तहत अगले 5 सालों में 10000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.
इस मिशन का मुख्य उद्देश्य भारत को जटिल जैविक दवाओं यानी बायोलॉजिक्स के उत्पादन का वैश्विक केंद्र बनाना है. भारत में बीमारियों का बोझ अब संक्रामक बीमारियों से बदलकर डायबिटीज, कैंसर और ऑटोइम्यून डिसऑर्डर जैसी बीमारियों की ओर बढ़ रहा है. ऐसी बीमारियों के इलाज में जैविक दवाएं बेहद अहम हैं। ये दवाएं लोगों की उम्र बढ़ाने और अच्छी जिंदगी जीने में मदद करती हैं, वो भी कम कीमत पर.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, ‘यह मिशन देश में जैविक दवाओं और बायोसिमिलर दवाओं के घरेलू उत्पादन के लिए पूरा इकोसिस्टम तैयार करेगा। भारत की बीमारी का बोझ अब डायबिटीज, कैंसर और ऑटोइम्यून विकार जैसी गैर-संक्रामक बीमारियों की ओर बढ़ रहा है. जैविक दवाएँ सस्ती कीमत पर लंबी उम्र और अच्छी जिंदगी के लिए बहुत जरूरी हैं.’
उन्होंने अपने बजट भाषण में तीन अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान बनाने और जामनगर में आयुर्वेद रिसर्च सेंटर बनाने की भी घोषणा की.
