केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को बजट पेश करते हुए दूसरे राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं तंत्रिका विज्ञान संस्थान ((NIMHANS-2) की घोषणा की है.
केंद्रीय मंत्री ने रांची के साथ तेजपुर के राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों को क्षेत्रीय शीर्ष संस्थानों के रूप में उन्नत करने की घोषणा की.
आने वाले समय में सीआइपी रांची, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरो साइंस (निमहांस) की क्षेत्रीय इकाई होगी.
देश का पहला निमहांस बेंगलुरु में स्थित है. बेगलुरू की अब तक कोई क्षेत्रीय इकाई नहीं है.
मानसिक रोगों के इलाज के लिए रांची में दो प्रख्यात संस्थान पहले से हैं. अब केंद्रीय बजट में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य सुविधाओं के उन्नयन की घोषणा से चिकित्सा जगत को प्रोत्साहन मिला है.
संसद में केंद्रीय बजट पेश करते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा, “उत्तर भारत में मानसिक स्वास्थ्य देखभाल के लिए कोई राष्ट्रीय संस्थान नहीं हैं. इसलिए, हम एनआईएमएएनएचएस 2.0 की स्थापना करेंगे और रांची और तेजपुर में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों को क्षेत्रीय शीर्ष संस्थानों के रूप में उन्नत करेंगे.”
गौरतलब है कि रांची शहर के दो प्रमुख स्वास्थ्य संस्थान – केंद्र सरकार द्वारा संचालित केंद्रीय मनोचिकित्सा संस्थान (सीआईपी) और राज्य के स्वामित्व वाला रांची तंत्रिका-मनोचिकित्सा एवं संबद्ध विज्ञान संस्थान ( रिनपास) – 100 वर्षों से अधिक समय से मनोरोग देखभाल, अनुसंधान और पुनर्वास के प्रमुख केंद्रों के रूप में कार्य कर रहे हैं.
सीआईपी के अधिकारियों ने इस घोषणा पर खुशी व्यक्त की और कहा कि वे निमहांस की तर्ज पर संस्थान के उन्नयन की मांग कर रहे थे.
केंद्र सरकार द्वारा गठित सुजया कमेटी ने सीआइपी को विकसित करने की अनुशंसा की थी. इसके बाद सीआइपी प्रशासन ने भी संस्थान को विकसित करने और स्वायत्त संस्था बनाने के लिए रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजी है.
