असम, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार अभियान मंगलवार शाम समाप्त हो गया.
इन तीनों जगहों पर 9 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान होगा, जबकि वोटों की गिनती 4 मई को होगी.
चुनाव प्रचार समाप्त होने के साथ ही जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 126 के तहत 48 घंटे का ‘साइलेंस पीरियड’ लागू हो गया है.
असम की 126, केरल की 140 और पुडुचेरी की 30 विधानसभा सीटों पर एक साथ वोट डाले जाएंगे. तीनों राज्यों/केंद्रशासित प्रदेश में राजनीतिक दलों ने अंतिम समय तक जोरदार प्रचार किया.
असम में कुल 2.5 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें 1.25 करोड़ पुरुष, 1.25 करोड़ महिलाएं और 343 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं. 18-19 वर्ष आयु वर्ग के 5.75 लाख युवा पहली बार मतदान करेंगे. 126 सीटों पर 722 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं और बहुमत का आंकड़ा 64 है.
यहां भाजपा गठबंधन और कांग्रेस गठबंधन के बीच सीधी लड़ाई की तस्वीर उभरती दिख रही है. कांग्रेस सत्ता में वापसी के लिए जोर आजमाइश कर रही है. जबकि बीजेपी किसी हाल में सत्ता खोना नहीं चाहती.
केरल में 140 सीटों के लिए 890 उम्मीदवार मैदान में हैं. यहां सरकार बनाने के लिए 71 सीटों का बहुमत जरूरी है.
राज्य में कुल 2.71 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें 1.32 करोड़ पुरुष, 1.39 करोड़ महिलाएं और 273 थर्ड जेंडर वोटर्स शामिल हैं।
पुडुचेरी में 30 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा, जिनमें 5 सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं. यहां सरकार बनाने के लिए 16 सीटों का बहुमत जरूरी है. कुल 9.44 लाख मतदाताओं में करीब 4.43 लाख पुरुष, 5 लाख महिलाएं और 139 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं.
