सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ सेकेंडरी एजुकेशन यानी सीबीएसई ने कहा है कि कक्षा 12 की गणित बोर्ड परीक्षा के प्रश्नपत्र पूरी तरह असली हैं और उनकी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं हुआ है.
सीबीएसई की ओर से यह स्पष्टीकरण तब आया जब सोशल मीडिया पर यह दावा किया गया कि प्रश्नपत्र पर छपे एक क्यूआर कोड को स्कैन करने पर एक गाने का यूट्यूब वीडियो खुल रहा था.
बोर्ड के अनुसार, क्यूआर कोड से जुड़े इस मामले के कारण जो संदेह उत्पन्न हुआ था, उसे अब दूर कर दिया गया है.
बोर्ड का कहना है कि उन्होंने इस मामले को पूरी गंभीरता से लिया गया है। बोर्ड ने कहा कि इस घटना को गंभीरता से लिया गया है और सीबीएसई ने आश्वासन दिया है कि भविष्य में इस प्रकार की स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और पूरी प्रक्रिया की समीक्षा की जा रही है.
कक्षा 12 की गणित की परीक्षा 9 मार्च को हुई थी. परीक्षा ख़त्म होने के तुरंत बाद प्रश्नपत्र के स्क्रीनशॉट ऑनलाइन पर फैलने लगे. कुछ छात्रों ने दावा किया कि प्रश्नपत्र पर मौजूद क्यूआर कोड स्कैन करने पर उन्हें म्यूज़िक वीडियो दिखाई दिया.
अपने बयान में सीबीएसई ने कहा कि बोर्ड परीक्षा के प्रश्नपत्रों में कई सुरक्षा फीचर होते हैं, जिनमें क्यूआर कोड भी शामिल हैं. इनका इस्तेमाल किसी संभावित गड़बड़ी की स्थिति में प्रश्नपत्र की प्रामाणिकता जांचने के लिए किया जाता है.
बोर्ड ने माना कि कुछ प्रश्नपत्र सेट में एक क्यूआर कोड स्कैन करने पर यूट्यूब वीडियो खुलने की बात सामने आई है. हालांकि सीबीएसई ने स्पष्ट किया कि इससे प्रश्नपत्र की सत्यता या सुरक्षा पर कोई असर नहीं पड़ा है.
