रांचीः चाईबासा में नो इंट्री की मांग कर रहे ग्रामीणों की अगुवाई कर रहे जिला परिषद सदस्य माधवचंद्र कुंकल समेत तमाम अगुआ को भाकपा माले ने तत्काल रिहा करने की मांग सरकार से की है.
चाईबासा पुलिस ने 16 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है. इनमें छह महिलाएं शामिल हैं. गिरफ्तारी की भाकपा- माले ने निंदी की है. पार्टी के राज्य सचिव मनोज भक्त ने एक बयान जारी क कहा है कि एक माह पूर्व सिंहपोखरिया में एक सड़क दुर्घटना में मृत बच्ची के परिवार को अब तक मुआवजा नहीं दिये जाने और पूरे खनिज मार्ग में लगातार दुर्घटनाओं के खिलाफ आंदोलन को कुचलने के लिए स्थानीय लोगों का दमन ठीक नहीं है. भाकपा माले खनिज परिवहन मार्ग में जनसुरक्षा और खनिज-वाहनों की वैधता की जांच के लिए प्रशासनिक व्यवस्था की मांग करती है.
भाकपा माले राज्य कमिटी की ओर से राज्य सचिव मनोज भक्त ने कहा कि अक्सर लौह खनिज-वाहनों की वैधता और उनके ड्राइवरों के ड्राइविंग क्षमता की जांच किये बगैर परिवहन की इजाजत दी जाती है जिसकी वजह से आये दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं. यह प्रशासन का काम है कि दुर्घटना को अंजाम देने वाली गाड़ी की शिनाख्त करे और आनेवाले दिनों के लिए उचित जगहों पर कैमरों की व्यवस्था करे. इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि इस तरह की अव्यवस्था के पीछे अवैध ढुलाई की सुनियोजित साजिश हो.
भाकपा माले राज्य कमिटी ने प्रेस के माध्यम से बयान दिया है कि लोकतांत्रिक तरीके से प्रतिवाद संगठित करना जनता का अधिकार है. दमन के जरिए इसे कुचलना लोकतंत्र पर हमला है. गिरफ्तार माधवचंद्र कंकुल सिंहभूम के लोकप्रिय नेता हैं. उन्हें और उनके साथियों को गिरफ्तार कर जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सकता है. राज्य सरकार को चाहिए कि जिले में पुलिस दमन की घटनाओं पर लगाम लगाये.
