धनबादः नगर निकाय चुनाव से ठीक पहले धनबाद की राजनीति में सोमवार को उलटफेर हुआ, जब पूर्व मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल ने सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा का दामन थाम लिया.
दुमका में झारखंड मुक्ति मोर्चा के स्थापना दिवस को लेकर आयोजित कार्यक्रम के मंच पर अग्रवाल का हेमंत सोरेन ने स्वागत किया. अग्रवाल को जेएमएम में ले जाने का सूत्रधार पार्टी के वरिष्ठ विधायक मथुरा प्रसाद को माना जा रहा है.
दूसरा- भाजपा द्वारा समर्थन नहीं दिए जाने से नाराज चंद्रशेखर अग्रवाल ने नया ठौर चुनना मुनासिब समझा.
चद्रशेखर अग्रवाल बीजेपी खेमा से जुड़े रहे हैं और इस बार भी मेयर के लिए चुनाव लड़ रहे हैं. इधर बनते- बिगड़ते समीकरणों के बीच भाजपा ने अपने प्रदेश कार्यसमिति सदस्य संजीव अग्रवाल को धनबाद में मेयर प्रत्याशी के लिए समर्थन दे दिया.
हालांकि जेएमएम ने पहले हीं पार्टी की नेता नीलम मिश्रा को उम्मीदवार के तौर पर सामने लाया था. दिन भर चले इस हाइवोल्टेज राजनीति के क्रम में ही धनबाद से बीजेपी के सांसद ढुलु महतो की पत्नी सावित्री देवी ने भी नामांकन पत्र लेकर मामले को और भी दिलचस्प बना दिया.
पूर्व मेयर इंदु देवी ने भी अपना नामांकन दाखिल करने के बाद चुनावी मोर्चा संभाल रही हैं. उधर झारखंड लोकतांत्रिक कांतिक्रारी मोर्चा ने युवा इंजीनियर प्रकाश महतो को समर्थन दिया है.
धनबाद और रांची नगर निगम के मेयर पद को लेकर चुनाव पर पूरे राज्य की नजरें टिकी हैं. इन दोनों जगहों पर राजनीतिक दलों की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी है. सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा बीजेपी का दबदबा खत्म करने की रणनीति में जुटी है. उधर बीजेपी भी कोई दांव खाली जाने देना नहीं चाहती.
