धनबादः झारखंड के धनबाद जिले में केंदुआडीह स्थित भूमिगत खदानों से कथित जहरीली गैस रिसाव की घटना में एक महिला की मौत और दर्जन भर लोगों के बीमार पड़ने के बाद के बाद उपायुक्त आदित्य रंजन की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक हुई है. उपायुक्त ने इस मामले में जांच के लिए कमेटी गठि करने के निर्देश दिए हैं.
यह जांच माइंस एक्ट 1952 और आपदा प्रबंधन अधिनियम 2025 के तहत की जाएगी.
इस बैठक में बीसीसीएल, डीजीएमएस, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, आपदा प्रबंधन व जेआरडीए के अधिकारी शामिल हुए. बैठक में गैस रिसाव की स्थिति पर समीक्षा की गई.
उपायुक्त आदित्य रंजन ने ने कहा है कि यदि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही या नियमों का उल्लंघन पाया गया, तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि निरीक्षण में पाया गया कि राहत एवं बचाव कार्य में तत्परता नहीं दिखाई गई. बीसीसीएल व संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय का अभाव साफ नजर आया.
उन्होंने कहा कि जांच समिति घटना के सभी पहलुओं की क्रमवार जांच करेगी और यह पता लगाएगी कि आखिर किसकी लापरवाही से लोगों की जान गई.
बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रभावित बस्तियों के लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जाएगा. इसके लिए डीसी ने बीसीसीएल के एरिया जीएम को तत्काल ‘टेंट सिटी’ तैयार करने का निर्देश दिया, जिसमें ठंड से सुरक्षा, पीने का पानी, भोजन, बिजली और शौचालय की व्यवस्था रहेगी.
इसके अलावा 24 घंटे एम्बुलेंस और डॉक्टर की उपलब्धता सुनिश्चित करने को भी कहा गया.
इस बीच बीसीसीएल के अधिकारियों ने यह जानकारी दी है कि घटना के तुरंत बाद भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) ने लोगों को ‘खतरे वाले क्षेत्रों’ से बाहर निकालना शुरू कर दिया.
कंपनी ने इलाके में स्थित घरों की दीवारों पर नोटिस भी चस्पा किए हैं, जिसमें लोगों से जल्द से जल्द घर खाली करने को कहा गया है.
बीसीसीएल के पुटकी-बलिहाटी कोलियरी क्षेत्र के महाप्रबंधक जी. सी. साहा ने संवाददाताओं को बताया कि
किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए बस्ती में तीन एम्बुलेंस को तैयार रखा गया है. साहा ने कहा, ‘‘कंपनी स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था कर रही है. जान-माल की सुरक्षा के लिए हमने पहले ही उनसे खतरे वाले क्षेत्र को छोड़ने का अनुरोध कर दिया है.’’
