धनबादः धनबाद-एलटीटी एक्सप्रेस के उद्घाटन समारोह में धनबाद के मेयर संजीव सिंह और उनकी पत्नी, झरिया की विधायक रागिनी सिंह को पहले आमंत्रित करने तथा अंतिम समय में आमंत्रण रद्द करने के मामले में रेल मंत्री को पत्र लिखा है.
विधायक ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने तथा जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की मांग की है.
इस बीच चूक पर पर्दा डालने के लिए धनबाद रेल मंडल प्रबंधन जुट गया है.
धनबाद रेल मंडल के सीनियर डीसीएम मनीष सौरभ और सीनियर डीओएम मोहम्मद इकबाल ने मेयर के आवास, सिंह मेंशन जाकर संजीव सिंह और विधायक रागिनी सिंह से मुलाकात की.
संजीव सिंह ने एक प्रेस कांफ्रेंस में बताया है कि रेलवे के अधिकारी तरह-तरह की सफाई दे रहे थे. इसके साथ ही अधिकारियों ने कहा कि आपके (मेयर) के वहां पहुंचने पर भीड़ बढ़ जाती, जिसे देखते हुए उन्हें आखिरी वक्त में आने से मना किया गया.
संजीव सिंह ने यह भी कहा कि एलटीटी एक्सप्रेस के शुभारंभ कार्यक्रम में धनबाद, गिरिडीह के सांसदों के अलावा जिले के सभी विधायकों को बुलाया जाना चाहिए था. यह शिष्टाचार होता, लेकिन लगता है कि रेलवे के अधिकारी किसी राजनीतिक दबाव में हमें आने से मना कर दिया.
मेयर संजीव सिंह ने नाराजगी जाहिर करते हुए इशारों-इशारों में धनबाद के सांसद ढुलू महतो पर भी निशाना साधा. उन्होंने अपने अंदाज में कहा, “मैं पहले से कहता आ रहा हूं कि बाघमारा, धनबाद और दिल्ली में अच्छे डॉक्टर हैं. अगर किसी का बीपी बढ़ रहा है, तो इन तीनों जगह में से कहीं भी इलाज करा सकते हैं.”
रेल मंत्री को पत्र
विधायक रागिनी सिंह द्वारा रेल मंत्री को पत्र के जरिए बताया है कि 06 अप्रैल को धनबाद स्टेशन पर आयोजित उक्त कार्यक्रम के लिए उन्हें पूर्व में विधिवत निमंत्रण भेजा गया था, जिसमें उनकी उपस्थिति अपेक्षित बताई गई थी. हालांकि कार्यक्रम प्रारंभ होने से ठीक पूर्व उन्हें यह सूचना दी गई कि डीआरएम कार्यालय की ओर से देर से सूचना मिलने के कारण वे कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो सकेंगी.
विधायक ने अपने पत्र में इसे केवल एक सामान्य चूक नहीं, बल्कि जनप्रतिनिधि के रूप में उनके साथ-साथ अन्य आमंत्रित जनप्रतिनिधियों के सम्मान से जुड़ा गंभीर मामला बताया है.
उन्होंने कहा कि इस प्रकार की लापरवाही न केवल रेलवे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है, बल्कि सार्वजनिक कार्यक्रमों की गरिमा को भी प्रभावित करती है.
सांसद ढुल्लू के दबाव में
गौरतलब है कि छह अप्रैल की रात धनबाद से शुरू हुई एलटीटी एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था. इस ट्रेन में सवार होकर वे कतरास तक गए. उधर कतरास में गिरिडीह के सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी मौजूद थे.
इस समारोह में भाग लेने के लिए पूर्व मध्य रेलवे के धनबाद रेल मंडल प्रबंधन ने धनबाद के सांसद ढुलू महतो, विधायक राज सिन्हा, मेयर संजीव सिंह और झरिया की विधायक रागिनी सिंह को आमंत्रित किया था. बाद में बताया गया मेयर प्रोटोकॉल के दायरे में नहीं आते हैं.
राजनीतिक गलियारे में चर्चा है कि संजीव सिंह के मेयर पद पर चुनाव जीतने से उनके प्रभावों को कमतर बताने के लिए ढुल्लू के इशारे पर ही रेलवे के अधिकारियों ने आखिरी वक्त संजीव सिंह और उनकी पत्नी विधायक रागिनी सिंह को आने से मना किया.
रेलवे के रवैये को देखते हुए धनबाद के बीजेपी विधायक राज सिन्हा ने भी शुभारंभ कार्यक्रम से दूरी बनाए रखी.
