दुमका: आठ साल पुराने एक मामले में राज्य की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका सिंह पांडेय समेत अन्य आरोपियों को बरी कर दिया गया है.
दुमका में एमपी-एमएलए विशेष कोर्ट यह फैसला सुनाया है.
यह मामला महागामा थाना कांड संख्या 72/2017 से जुड़ा है, जिसमें भादवि की अलग- अलग धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था. .
घटना वर्ष 2017 की है. महागामा में एक सड़क दुर्घटना के बाद लोगों ने सड़क जाम किया था. उस दौरान दीपिका सिंह पांडेय, जो उस वक्त कांग्रेस की जिला अध्यक्ष थीं, मौके पर पहुंची थीं
अदालत में 12 लोगों की गवाही हुई. गवाहों के बयान और साक्ष्य को देखते हुए कोर्ट ने मंत्री दीपिका सिंह पांडेय को बरी कर दिया.
केस से बरी किए जाने के बाद मंत्री ने फैसले का स्वागत किया है.
इसके साथ ही उन्होंने कहा है कि यह मुकदमा उस समय के भाजपा विधायक की राजनीतिक साजिश का हिस्सा था. लेकिन सच को दबाया नहीं जा सकता.
