छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में अबूझमाड़ में बुधवार को हुई मुठभेड़ में 27 माओवादियों का मारे जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने सुरक्षा बलों का हौसला बढ़ाया है.
मुठेभड़ में मारे गए माओवादियों में एक करोड़ के इनामी केशव राव उर्फ बसवराजू भी शामिल हैं. वे भाकपा माओवादी के महासचिव थे. बसवाराजू की मौत को माओवादियों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. उन्होंने गणपति के बाद यह जिम्मेदारी संभाली थी.
खबरों के मुताबिक सुरक्षा बलों ने सभी 27 शव बरामद कर लिए हैं. 70 साल का बसवराजू आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले के एक गांव का रहने वाले थे. उन्होंने 1980 के दशक में तेलंगाना के वारंगल के रिजनल इंजीनियरिंग कॉलेज (आरईसी) से पढ़ाई की थी.
एक पूर्व इंजीनियर रहे बसवराज छत्तीसगढ़ और अन्य नक्सल प्रभावित राज्यों की पुलिस की मोस्ट वांटेड लिस्ट में नंबर वन टारगेट थे. उस पर 1 करोड़ रुपये का इनाम था. उसे सीपीआई (माओवादी) की सशस्त्र शाखा पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) को मजबूत करने का श्रेय भी दिया जाता है. पीएलजीए का गठन 2000 में कई छोटे-छोटे गुटों के विलय के बाद हुआ था.
अबूझमाड़, जिसे स्थानीय रूप से “अनजानी पहाड़ियां” कहा जाता है, एक ऐसा इलाका है जहां पहाड़ी और पथरीला भूभाग है, कई नदियां और नाले हैं, और जहां सड़क, परिवहन या मोबाइल कनेक्टिविटी बहुत कम या नहीं के बराबर है.
इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कहा कि उन्हें छत्तीसगढ़ में 27 माओवादियों को मार गिराने वाले सुरक्षा बलों पर गर्व है.
प्रधानमंत्री मोदी ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘इस उल्लेखनीय सफलता के लिए हमें अपने सुरक्षा बलों पर गर्व है. हमारी सरकार माओवाद की बुराई को समाप्त करने तथा अपने लोगों के लिए शांतिपूर्ण एवं प्रगतिशील जीवन सुनिश्चित करने को प्रतिबद्ध है.’
इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में माओवादियों के ख़िलाफ़ एक ऑपरेशन की जानकारी दी.
गृह मंत्री ने बताया है कि आज सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में 27 माओवादी मारे गए हैं, जिनमें भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी-माओवादी (सीपीआई-माओवादी) के महासचिव नंबाला केशव राव उर्फ़ बसवराजू भी शामिल हैं.
अमित शाह ने एक्स पर पोस्ट किया, “नक्सलवाद को खत्म करने की लड़ाई में एक ऐतिहासिक उपलब्धि. आज, छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में एक ऑपरेशन में, हमारे सुरक्षा बलों ने 27 खूंखार माओवादियों को मारा है, जिनमें सीपीआई-माओवादी के महासचिव, शीर्ष नेता और नक्सल आंदोलन के बैकबोन नंबाला केशव राव उर्फ़ बसवराजू भी शामिल हैं.”
शाह ने लिखा, “नक्सलवाद के ख़िलाफ़ भारत की लड़ाई के तीन दशकों में ऐसा पहली बार है कि हमारे बलों ने एक महासचिव स्तर के नेता को मारा है. मैं इस बड़ी सफलता के लिए हमारे बहादुर सुरक्षा बलों और एजेंसियों की सराहना करता हूँ.”
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में पिछले 15 महीनों में पुलिस ने माओवादियों के ख़िलाफ़ सघन ऑपरेशन चलाया है, जिसमें अब तक 400 से अधिक संदिग्ध माओवादी मारे जा चुके हैं.
