रांचीः कोषागार एवं सांस्थिक वित्त निदेशालय, वित्त विभाग, झारखण्ड सरकार द्वारा किए गए डेटा एनालिसिस के अनुसार हजारीबाग जिला ट्रेजरी से दो बैंक खातों में 15.41 करोड़ रूपये के संदिग्ध ट्रांजेक्शन के मामले में तीन पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया गया है.
जांच के क्रम में यह खुलासा हुआ है कि इस अवैध निकासी में पुलिस विभाग के लेखा शाखा में कार्यरत तीन सिपाही शंभु कुमार, रजनीश सिंह एवं धीरेंद्र सिंह इस निकासी में संलिप्त थे.
प्रशासन का दावा है कि गिरफ्तारी के बाद गहन पूछताछ के दौरान तीनों कर्मियों ने अपनी संलिप्तता स्वीकार की है.
इस संबंध में कोषागार पदाधिकारी, हजारीबाग द्वारा लोहसिंगना थाना में 8 अप्रैल को कांड संख्या 32/2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई है.
जिला जन संपर्क कार्यालय ने तीन पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी की पुष्टि की है.
उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने इस मामले में अपर समाहर्ता, हजारीबाग की अध्यक्षता में चार सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है. कमेटी ने बुधवार को कोषागार में विपत्रों और अभिलेखों की छानबीन की है.
जांच उपरांत कुल 21 संदिग्ध बैंक खातों को फ्रीज करने का निर्देश संबंधित बैंकों को दिए गए हैं.
इन खातों में उपलब्ध लगभग ₹1.60 करोड़ (एक करोड़ साठ लाख रुपये) की राशि को भी फ्रीज कर सुरक्षित कर लिया गया है.
आठ वर्षों से अवैध निकासी
वित्त विभाग, झारखण्ड सरकार द्वारा किए गए डेटा एनालिसिस के अनुसार विगत आठ वर्षों में कुल ₹15,41,41,485/- (पंद्रह करोड़ इकतालीस लाख इकतालीस हजार चार सौ पचासी रुपये) के संदिग्ध ट्रांजेक्शन की सूचना सरकार को मिली है.
जांच दल द्वारा जिला कोषागार, हजारीबाग में उपलब्ध अभिलेखों एवं विपत्रों की जांच के दौरान यह पाया गया कि Temp. Pay ID बनाकर अवैध रूप से सरकारी राशि की निकासी की गई तथा उक्त राशि को विभिन्न संदिग्ध बैंक खातों में हस्तांतरित किया गया.
वित्त सलिचव ने भेजा पत्र
गौरतलब है कि झारखंड में सरकारी खजाने से पुलिस के वेतन के नाम पर करोड़ों रुपये की अवैध निकासी के मामले सामने आने के बाद राज्य के वित्त सचिव प्रशांत कुमार ने सभी विभागों के सचिव, अपर मुख्य सचिव, प्रमंडलीय आयुक्त, जिलों के उपायुक्त तथा एसपी को वेतन निकासी के मामले में पूरी सावधानी बरतने का निर्देश जारी किया है.
वित्त सचिव ने पत्र में कहा है कि प्रधान महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी), झारखंड के कार्यालय से प्राप्त सूचना के अनुसार पुलिस अधीक्षक, बोकारो कार्यालय से मई 2024 से दिसंबर 2025 तक की अवधि में कुल 3,15.33,993/-(तीन करोड़ पंद्रह लाख तैंतीस हजार नौ सौ तिरान्वे) रुपये और हजारीबाग से कुल ₹15,41,41,485/- (पंद्रह करोड़ इकतालीस लाख इकतालीस हजार चार सौ पचासी रुपये) के संदिग्ध ट्रांजेक्शन की सूचना मिली है.
बोकारो से लेखापाल गिरफ्तार
उधर बोकारो में अवैध निकासी के मामले में झारखंड पुलिस के एक लेखाकार (अकाउंटेंट) को गिरफ्तार किया गया है.
उपायुक्त अजय नाथ झा के निर्देश पर कोषागार अधिकारी गुलाब चंद ओरांव द्वारा बोकारो स्टील सिटी पुलिस थाने में एक प्राथमिकी दर्ज कराने के बाद आरोपी कौशल कुमार पांडेय को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया गया है.
सबसे पहले यह मामला एक सब-इंस्पेक्टर के वेतन खाते से 3.15 करोड़ रुपये निकाले जाने के संदर्भ में सामने आया.
ई-कुबेर बिल प्रबंधन प्रणाली पर निकासी एवं वितरण अधिकारी (डीडीओ) स्तर पर जांच के बाद पता चला कि जुलाई 2016 में सेवानिवृत्त हुए हवलदार उपेंद्र सिंह के नाम पर वेतन मद के तहत 25 महीनों (नवंबर 2023 से मार्च 2026) में 63 बार धोखाधड़ी से 4.29 करोड़ रुपये निकाले गए.
पूछताछ करने पर पांडेय ने स्वीकार किया है कि उसने पोर्टल में सेवानिवृत्त हवलदार की जन्मतिथि और खाता संख्या में हेरफेर करके लगातार पैसे निकाले. जिस खाते में राशि स्थानांतरित की जा रही थी, वह उसकी पत्नी अनु पांडेय के नाम पर है.”
उपायुक्त अजय नाथ झा ने बताया है, ‘मैंने अधिकारियों को उन बैंक खातों के लेनदेन पर रोक लगाने का आदेश दिया है जिनमें धनराशि स्थानांतरित की गई थी. कोषागार कार्यालय में मौजूद दस्तावेजों को जब्त किया जा रहा है.’
