रांचीः सत्ता की बागडोर संभाले हेमंत सोरेन ने अपनी सरकार के एक साल पूरे होने पर शुक्रवार, 28 नवंबर 2025 को मोराबादी मैदान में आयोजित एक भव्य समारोह में करीब 8 हजार 792 युवाओं के बीच सरकारी नौकरी के लिए नियुक्ति पत्र सौंपे.
इनमें झारखंड लोकसेवा आयोग की 11वीं से 13 वीं में सफल अभ्यर्थियों के अलावा लगभग 8 हजार सहायक आचार्य शामिल थे. हालांकि 26001 सहायक आचार्यों की नियुक्ति के लिए परीक्षा ली गई थी.
इस मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा, “हमारी सरकार के दूसरे कार्यकाल का आज पहले वर्ष पूरा हो रहा है. यह दिन ऐतिहासिक है. क्योंकि, एक साथ इतनी बड़ी संख्या में युवाओं को नियुक्ति पत्र देने का अवसर हमें मिला है. हमारी सरकार युवाओं का भविष्य संवारने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. सिर्फ इसी वर्ष 16 हज़ार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी और 8 हज़ार लोगों को गैर सरकारी क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराया गया है. वहीं, पिछले कुछ वर्षों के दौरान सरकारी और निजी क्षेत्र में हजारों लोगों को नौकरी और रोजगार से जोड़ने का सार्थक पहल सरकार के स्तर पर हुआ है. नियुक्तियों का यह सिलसिला निरंतर जारी रहेगा.”
उत्साह और आत्मविश्वास से लबरेज
सफल अभ्यर्थियों को नियिक्ति पत्र सौपने के साथ ही हेमंत सोरेन सभी की हौसला आफजाई कर रहे थे. उनसे परिचय पूछते और शुभकामनाएं भी दे रहे थे. नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले कई अभ्यर्थियों ने भी मंच से अपने अनुभव साझा किए. जेपीएससी से सफल अभ्यर्थियों में कई नियात साधारण घरों के युवा हैं, जिन्होंने अपनी मेहनत, लगन और लंबे इंतजार के बाद डिप्टी कलेक्टर और डीएसपी बनने का मुकाम हासिल किया है.

इस दौरान हेमंत सोरेन उत्साह और आत्मविश्वास से लबरेज दिखे. ठीक वैसे ही जैसे पिछले साल 28 नवंबर को झारखंड के 14वें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने वाले हेमंत सोरेन उत्साह और आत्म विश्वास से लबरेज नजर आ रहे थे. करीब दो घंटे के कार्यक्रम में उन्होंने आंधे घंटे का भाषण भी किया. इस दौरान विपक्ष को भी निशाने पर लिए रखा.
हेमंत सोरेन सरकार की दूसरी पारी के एक साल होने पर नियुक्ति पत्र वितरण समारोह को लेकर तैयारियां बड़े पैमाने पर की गयी थी और मंच पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के अलावा मंत्रिमंडल के सहयोगी, सत्तारूढ़ दलों के सांसद , विधायक भी मौजूद थे. जाहिर तौर पर सरकार इसे बड़ी उपलब्धि के तौर पर बताने- गिनाने की कोशिशें करती रही.
निशाने पर विपक्ष
विपक्ष को निशाने पर लेते हुए हेमंत सोरेन ने कहा, “विपक्ष तो षड्यंत्र करते ही हैं, साथ ही कोर्ट कचहरियों में भी कार्यों को बाधित करके जानबूझकर अड़ंगा लगाने का काम करते हैं. आज यहां जिस तरीके से युवाओं ने अपने उद्गार व्यक्त किए हैं इससे साफ झलकता है कि वर्तमान सरकार कितनी शिद्दत और पारदर्शिता के साथ यहां के नौजवानों का भविष्य गढ़ने में लगी हुई है.”

हेमंत सोरेन ने यह भी कहा कि परीक्षाओं को बाधित करने के लिए राज्य में कई गिरोह भी शामिल हैं. वे यहां के नौजवानों का भविष्य न बन पाए, वह अपने पैरों पर खड़ा न हो, इस राज्य के सर्वांगीण विकास का वो हिस्सा न बन पाए, इन कामों में लगे रहते हैं. लेकिन हम यह चलने नहीं देंगे.
हेमंत सोरेन ने युवाओं से पूछा- आप ही बताइए, आप लोगों से मैं सुनना चाहता हूं कि क्या आपकी नियुक्ति, किसी की पैसा, पैरवी से हुई है? लेकिन यह झारखण्ड विरोधी लोग झारखण्ड का हित नहीं देख सकते हैं. आप सभी लोग पढ़े-लिखे नौजवान हैं. आप अपनी क्षमता के अनुरूप यहां पहुंचे हैं. झारखण्ड पिछड़ा राज्य रहने को मजबूर रहा है. लेकिन आज आपकी सरकार पढ़े-लिखे युवाओं, कम पढ़े-लिखे लोगों, जो नहीं पढ़ पाए उनके प्रति भी संवेदनशील रहती है.
सत्ता में काबिज होने के बाद से
वैसे एक बात ध्यान में रहे 2019 में हेमंत सोरेन के सत्ता में काबिज होने के यह उनक दूसरी पारी है. इन छह सालों में झारखंड लोकसेवा आयोग की दो परीक्षाएं क्लीयर हो सकी हैं. 2022 में 7वीं से 10वीं के 252 अभ्यर्थियों को नियिक्ति पक्ष दिए गए थे. वह परीक्षा 2021 में हुई थी. इसके बाद 11वीं से 13वीं की परीक्षा में 342 अभ्यर्थी सफल हुए हैं. दूसरी सुप्रीम कोर्ट के सख्त आदेश के बाद सहायक आचार्यों की नियुक्ति का मार्ग प्रशस्त हो सका है. वरना परीक्षा लेने के बाद से झारखंड कर्मचारी चयन आयोग ने रिजल्ट लटकाये रखा था.
सरकार संवेदनशील
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के हर वर्ग और तबके के लिए हमारी सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है। आदिवासी, दलित, पिछड़ा, महिला नौजवान, दिव्यांग… हर किसी को सरकार सौगात दे रही है.
उन्होंने यह भी कहा कि चाहे पढ़ा -लिखा व्यक्ति हो या कम पढ़ा- लिखा अथवा अनपढ़, सबको आगे ले जाने का काम सरकार कर रही है. सभी को उनकी योग्यता और क्षमता के रोजगार देने का प्रयास हो रहा है.
मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पर प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों से कहा कि आपकी पोस्टिंग राज्य के विभिन्न जिलों में होती रहेगी. ऐसे में आपसे आग्रह है कि आप जहां भी जाएं, वहां काम से कम एक नौजवान को अपने जैसा बनाने का संकल्प लें. अगर इसमें कामयाब हुए तो निश्चित तौर पर झारखंड की तस्वीर बदल जाएगी.
